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Bihar News: बिहार में जनगणना 2027 की तारीखों का एलान, दो चरणों में 45 दिनों तक चलेगी, अप्रैल 2026 से शुरूआत

दो चरणों में 45 दिन चलेगी जनगणना, पहले चरण में मकानों की गिनती अप्रैल-सितंबर 2026, दूसरा चरण 2027 में। विकास योजनाओं का नया आधार बनेगी।

Bihar News: बिहार में जनगणना 2027 की तैयारियां तेज हो गई हैं। उप मुख्यमंत्री विजय सिन्हा ने राज्य में जनगणना की तारीखों और प्रक्रिया का ऐलान कर दिया है। राज्य में यह जनगणना दो चरणों में पूरी की जाएगी और कुल 45 दिनों तक चलेगी। राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के जनगणना कोषांग के माध्यम से यह कार्य संचालित होगा।

उप मुख्यमंत्री ने बताया कि पहले चरण में मकानों का सूचीकरण और गणना होगी। यह काम अप्रैल 2026 से सितंबर 2026 के बीच किया जाएगा। दूसरे चरण में जनसंख्या की विस्तृत गणना होगी, जिसकी सटीक तारीखें बाद में घोषित की जाएंगी। कुल मिलाकर जनगणना प्रक्रिया 2026 के मध्य से शुरू होकर 2027 तक चलेगी।

दो चरणों में जनगणना क्यों?

बिहार में जनगणना को दो चरणों में करने का फैसला इसलिए लिया गया है ताकि काम व्यवस्थित और सटीक तरीके से हो सके। पहले चरण में घरों की गिनती और उनके प्रकार, मालिकाना हक, बिजली-पानी जैसी बुनियादी सुविधाओं का आकलन किया जाएगा। यह जानकारी राज्य की योजनाओं को बनाने में मदद करेगी।

दूसरे चरण में हर व्यक्ति की उम्र, लिंग, शिक्षा, रोजगार, जाति, धर्म और अन्य सामाजिक-आर्थिक जानकारी एकत्र की जाएगी। इससे राज्य सरकार को विकास योजनाओं में सही लक्ष्य निर्धारित करने में आसानी होगी।

जनगणना का महत्व

जनगणना हर 10 साल में होने वाली राष्ट्रीय प्रक्रिया है। यह देश और राज्यों की सही जनसंख्या, विकास की स्थिति और जरूरतों का आकलन करती है। बिहार में पिछली जनगणना 2011 में हुई थी। अब 2027 में होने वाली जनगणना से राज्य की जनसंख्या, शिक्षा स्तर, रोजगार, स्वास्थ्य और अन्य क्षेत्रों की नई तस्वीर सामने आएगी।

इस जानकारी से बिहार सरकार को कई योजनाओं को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी। जैसे:

  • शिक्षा और स्कूलों की संख्या बढ़ाना

  • स्वास्थ्य केंद्र और अस्पतालों का विस्तार

  • रोजगार योजनाओं का सही लक्ष्य निर्धारण

  • ग्रामीण और शहरी विकास की नई रणनीति

  • आरक्षण और अन्य सामाजिक योजनाओं का आधार

तैयारी और चुनौतियां

राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग जनगणना कोषांग के माध्यम से काम संभाल रहा है। विभाग ने पहले ही प्रशिक्षण, कर्मचारियों की नियुक्ति और अन्य तैयारियां शुरू कर दी हैं। गणनाकर्ताओं को प्रशिक्षण दिया जाएगा। हर घर तक पहुंचने के लिए आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, आशा और अन्य स्थानीय लोगों की मदद ली जाएगी।

चुनौतियां भी हैं। बिहार की बड़ी आबादी, घनी बस्तियां और प्रवासी मजदूरों की वजह से गणना में दिक्कत आ सकती है। विभाग का कहना है कि डिजिटल टूल्स और मोबाइल ऐप का इस्तेमाल करके काम तेज किया जाएगा।

Bihar News: उप मुख्यमंत्री का बयान

विजय सिन्हा ने कहा कि बिहार सरकार जनगणना को पारदर्शी और सटीक बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे गणनाकर्ताओं का पूरा सहयोग करें। सही जानकारी देने से ही राज्य का सही विकास संभव होगा।

जनगणना 2027 से बिहार को नई दिशा मिलेगी। यह राज्य की प्रगति का आधार बनेगी। अप्रैल 2026 से शुरू होने वाली इस प्रक्रिया पर सबकी नजरें टिकी हैं।

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