Bihar News: मुजफ्फरपुर में ऑटो और ई-रिक्शा के लिए कलर कोडिंग और रूट लागू, ट्रायल रन शुरू
जिला प्रशासन ने रूट वाइज कलर कोडिंग लागू की; ट्रायल रन शुरू, मनमानी रुकेगी, ट्रैफिक जाम कम होगा
Bihar News: मुजफ्फरपुर शहर में ऑटो और ई-रिक्शा की मनमानी अब नहीं चलेगी। जिला प्रशासन ने कलर कोडिंग और निर्धारित रूट की नई व्यवस्था शुरू कर दी है। ट्रायल रन चल रहा है। अलग-अलग रूट के लिए अलग कलर के ऑटो और ई-रिक्शा चलेंगे। इससे यात्रियों को आसानी होगी और ट्रैफिक जाम कम होगा। डीएम और एसपी ने खुद सड़क पर उतरकर व्यवस्था की निगरानी की।
कलर कोडिंग कैसे होगी?
शहर को कई जोन में बांटा गया है। हर जोन के लिए अलग कलर तय किया गया है:
- एक रूट के ऑटो पीले कलर के होंगे।
- दूसरे रूट के हरे।
- तीसरे के नीले या अन्य कलर।
ऑटो और ई-रिक्शा चालकों को अपने वाहन पर निर्धारित कलर की पट्टी लगानी होगी। रूट बोर्ड भी लगाना अनिवार्य है। बिना कलर कोड और रूट बोर्ड के वाहन नहीं चल सकेंगे।
ट्रायल रन में क्या हो रहा?
ट्रायल रन एक सप्ताह तक चलेगा। इस दौरान चालकों को समझाया जा रहा है। गलत रूट पर चलने वालों का चालान काटा जा रहा है। डीएम ने कहा कि ट्रायल के बाद पूरी तरह सख्ती होगी। अवैध या गलत रूट पर चलने वाले वाहन जब्त किए जाएंगे।
प्रशासन ने मुख्य बाजार, रेलवे स्टेशन और बस स्टैंड के रूट तय किए हैं। हर रूट पर निर्धारित संख्या में ही वाहन चलेंगे। ओवरलोडिंग पर भी कार्रवाई होगी।
यात्रियों को क्या फायदा?
यात्री अब आसानी से अपने रूट का ऑटो या ई-रिक्शा पहचान सकेंगे। कलर देखकर पता चल जाएगा कि यह उनके रूट पर जाएगा या नहीं। मनमानी किराया वसूली रुकेगी। ट्रैफिक जाम कम होगा। महिलाएं और बच्चे सुरक्षित महसूस करेंगे।
एक यात्री ने कहा, “पहले पता नहीं चलता था कि ऑटो कहां जाएगा। अब कलर से पता चल जाएगा। अच्छा फैसला है।”
चालकों की क्या राय?
कई चालक इस व्यवस्था से खुश हैं। उनका कहना है कि अब झगड़ा नहीं होगा। रूट फिक्स होने से कमाई स्थिर रहेगी। लेकिन कुछ चालकों ने शिकायत की कि पुराने वाहन पर कलर कराने में खर्च आएगा। प्रशासन ने कहा कि शुरुआत में छूट दी जाएगी।
Bihar News: आगे क्या प्लान?
ट्रायल सफल होने पर पूरी शहर में व्यवस्था लागू होगी। सभी ऑटो और ई-रिक्शा का रजिस्ट्रेशन होगा। जीपीएस ट्रैकिंग की भी योजना है। अवैध वाहनों पर सख्ती होगी।
मुजफ्फरपुर प्रशासन शहर को व्यवस्थित बनाने में लगा है। यह नई व्यवस्था ट्रैफिक और यात्रियों की सुविधा के लिए बड़ा कदम है। उम्मीद है कि ट्रायल के बाद सब कुछ ठीक हो जाएगा। शहर साफ-सुथरा और सुव्यवस्थित बनेगा।



