Bihar News: बिहार में गुड़ उत्पादन यूनिट लगाने के लिए 1 करोड़ तक सब्सिडी, 25 जनवरी आखिरी दिन
बिहार राज्य गुड़ उद्योग प्रोत्साहन योजना, गन्ना किसानों-निवेशकों को 50% तक सब्सिडी, आवेदन की अंतिम तिथि 25 जनवरी 2026
Bihar News: बिहार सरकार गन्ना किसानों और निवेशकों को गुड़ उद्योग में आगे बढ़ाने के लिए अच्छा मौका दे रही है। बिहार राज्य गुड़ उद्योग प्रोत्साहन कार्यक्रम के तहत गुड़ उत्पादन इकाई लगाने पर 6 लाख से 1 करोड़ रुपये तक का अनुदान मिल रहा है। इस योजना के लिए ऑनलाइन आवेदन की अंतिम तिथि 25 जनवरी 2026 है। यानी रविवार तक इच्छुक लोग आवेदन कर सकते हैं।
योजना का उद्देश्य और लाभ
बिहार में गन्ना की खेती को मजबूत करने और गुड़ उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार यह योजना चला रही है। गन्ना उद्योग विभाग के जरिए यह कार्यक्रम संचालित है। इसका मुख्य लक्ष्य है कि राज्य में ज्यादा गुड़ उत्पादन इकाइयां लगें। इससे गन्ना किसानों को उनकी फसल का बेहतर दाम मिलेगा और स्थानीय स्तर पर रोजगार भी बढ़ेगा।
योजना के तहत इकाई की पेराई क्षमता के आधार पर अनुदान तय किया गया है। छोटी इकाइयों के लिए 6 लाख रुपये से शुरू होकर बड़ी इकाइयों के लिए 1 करोड़ रुपये तक की सब्सिडी मिल सकती है। कई मामलों में कुल पूंजी लागत का 50 प्रतिशत तक अनुदान दिया जाता है। यह मदद किसानों और छोटे निवेशकों के लिए बहुत उपयोगी है, क्योंकि इससे व्यवसाय शुरू करने की लागत काफी कम हो जाती है।
आवेदन की प्रक्रिया और महत्वपूर्ण तिथियां
यह योजना 2025-26 के लिए है। सातवें चरण में पहले आवेदन की अंतिम तिथि 25 दिसंबर 2025 थी। लेकिन सरकार ने इसे बढ़ाकर 25 जनवरी 2026 कर दिया। अब सिर्फ कुछ घंटे बचे हैं।
आवेदन पूरी तरह ऑनलाइन है। इच्छुक किसान और निवेशक गन्ना उद्योग विभाग की आधिकारिक वेबसाइट ccs.bihar.gov.in पर जाकर फॉर्म भर सकते हैं। आवेदन भरने से पहले सभी निर्देश ध्यान से पढ़ें।
अधिक जानकारी के लिए हेल्पलाइन नंबर 0612-2215788 पर संपर्क किया जा सकता है। विभाग ने साफ कहा है कि आवेदन के लिए वेबसाइट पर जाकर ही प्रक्रिया पूरी करें।
Bihar News: गन्ना किसानों के लिए फायदे
बिहार में गन्ना उत्पादक इलाकों में यह योजना बहुत फायदेमंद साबित हो सकती है। गुड़ उत्पादन बढ़ने से गन्ने की मांग बढ़ेगी। किसानों को चीनी मिलों पर निर्भर रहने की जरूरत कम होगी। साथ ही गुड़ का बाजार में अच्छा भाव मिल सकता है।
सरकार का मानना है कि इस योजना से ग्रामीण क्षेत्रों में छोटे-मोटे उद्योग लगेंगे। इससे बेरोजगारी कम होगी और किसानों की आय में इजाफा होगा।
जो लोग गुड़ उत्पादन इकाई लगाने की सोच रहे हैं, उन्हें जल्द से जल्द आवेदन कर देना चाहिए। 25 जनवरी 2026 के बाद इस चरण में मौका नहीं मिलेगा।



