Bihar Economic Survey 2026: नगर निकायों की आय एक साल में दोगुनी हुई, लेकिन खर्च अभी भी कम
नगर निकायों की स्वार्जित आय 356 करोड़ से दोगुनी, होल्डिंग टैक्स 136% बढ़ा; लेकिन खर्च के लिए केवल 53.3% राजस्व, केंद्र-राज्य पर निर्भरता बरकरार
Bihar Economic Survey 2026: बिहार के नगर निकायों की अपनी कमाई में बड़ा उछाल आया है। राज्य के आर्थिक सर्वेक्षण रिपोर्ट के अनुसार, वित्तीय वर्ष 2024-25 में 35 नगर निकायों की स्वार्जित आय 356 करोड़ रुपये से ज्यादा हो गई। यह पिछले साल की तुलना में दोगुनी है। हालांकि, यह आय अपने खर्च के मुकाबले अभी भी काफी कम बनी हुई है।
रिपोर्ट में बताया गया है कि होल्डिंग टैक्स में 136 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई। करेतर आय में 174 प्रतिशत का इजाफा दर्ज किया गया। अन्य करों में एक साल में दस गुना वृद्धि आई। संपत्ति कर में 17.2 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई, जिससे यह राशि पहली बार 400 करोड़ रुपये के पार चली गई।
इन सबके बावजूद नगर निकाय अपने स्थापना खर्च के लिए जरूरी राजस्व का सिर्फ 53.3 प्रतिशत ही जुटा पाए। इसका मतलब है कि उन्हें केंद्र और राज्य सरकार से मिलने वाली मदद पर काफी निर्भर रहना पड़ता है।
शहरी विकास विभाग का बजट खर्च घटा
शहरी विकास एवं आवास विभाग ने शहरी क्षेत्रों में काम के लिए बजट का पूरा इस्तेमाल नहीं किया। वित्तीय वर्ष 2023-24 में विभाग ने 9 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा खर्च किए थे, जो कुल बजट का 77.4 प्रतिशत था। लेकिन 2024-25 में बजट 5,274.9 करोड़ रुपये था, जिसमें से सिर्फ 3,613.8 करोड़ रुपये (68.5 प्रतिशत) ही खर्च हो पाए।
यह कमी शहरी विकास की योजनाओं को प्रभावित कर सकती है। राज्य में तेजी से बढ़ते शहरीकरण को देखते हुए सरकार ने कई कदम उठाए हैं।
मास्टर प्लान और अमृत योजना पर काम जारी
बढ़ते शहरों के लिए टायर-1 के 43 शहरों के मास्टर प्लान तैयार करने का काम शुरू हो गया है। इनमें 37 जिला मुख्यालयों के अलावा राजगीर, बोधगया, डेहरी, फारबिसगंज, बगहा और सोनपुर शामिल हैं। पटना का मास्टर प्लान-2031 पहले ही अधिसूचित हो चुका है।
अमृत-2.0 योजना के तहत टायर-2 शहरों के 50 योजना क्षेत्रों का सीमांकन जारी है। इससे शहरों में बेहतर जलापूर्ति, सीवरेज और अन्य सुविधाएं मिलेंगी।
मुख्यमंत्री समग्र शहरी विकास योजना में प्रगति
मुख्यमंत्री समग्र शहरी विकास योजना के तहत 2024-25 में 1,261 करोड़ रुपये की 1,612 योजनाओं को मंजूरी मिली। 2025-26 में 1,587 योजनाओं को हरी झंडी दी गई, जिन पर 830 करोड़ रुपये खर्च होंगे।
इस योजना से नालियों के साथ सड़कें, पार्क, घाट, जलाशय और अन्य बुनियादी ढांचे का निर्माण और मरम्मत होती है। इससे शहरों की साफ-सफाई और सुंदरता बढ़ेगी।
प्रधानमंत्री आवास योजना में बड़ी संख्या में स्वीकृति
प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 2.0 के तहत सितंबर 2025 तक 6 लाख 89 हजार 236 आवेदन आए। इनमें से 1 लाख 53 हजार 790 आवासों को मंजूरी मिल चुकी है। इन पर 3,844 करोड़ रुपये खर्च होंगे।
यह योजना गरीब परिवारों को पक्का मकान उपलब्ध कराने में मदद कर रही है।
Bihar Economic Survey 2026: वर्षा जल निकासी और नाला निर्माण पर फोकस
राज्य के 20 जिलों में वर्षा जल निकासी योजना चल रही है। इसके लिए 2,925 करोड़ रुपये का बजट है। 2024-25 में 1,716.75 करोड़ रुपये जारी किए गए। नाला निर्माण के लिए 2017 से 2024 तक कुल 613.63 करोड़ रुपये की राशि मंजूर हुई। इससे शहरों में बाढ़ और जलभराव की समस्या कम होगी।
बिहार में शहरीकरण तेजी से बढ़ रहा है। लोग गांवों से शहरों की ओर आ रहे हैं। ऐसे में नगर निकायों की अपनी कमाई बढ़ाना जरूरी है। सरकार की योजनाएं आधारभूत सुविधाओं को मजबूत करने पर केंद्रित हैं। हालांकि, बजट खर्च में सुधार की जरूरत है। आर्थिक सर्वेक्षण बताता है कि राज्य सरकार शहरी विकास को प्राथमिकता दे रही है। लेकिन व्यय की गति बढ़ाने से योजनाएं समय पर पूरी होंगी।



