Bihar Bhumi News: बिहार में बुजुर्गों के लिए बड़ी राहत, 1 अप्रैल 2026 से घर बैठे होगी जमीन की रजिस्ट्री, मात्र 400 रुपये में पूरी प्रक्रिया
1 अप्रैल 2026 से 80+ बुजुर्गों की जमीन-फ्लैट रजिस्ट्री घर पर, मात्र 400 रुपये में मोबाइल यूनिट से प्रक्रिया, ई-निबंधन पोर्टल पर आवेदन
Bihar Bhumi News: बिहार सरकार ने वरिष्ठ नागरिकों के जीवन को और आसान बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। अब 80 वर्ष या उससे अधिक उम्र के बुजुर्ग घर बैठे ही अपनी जमीन या फ्लैट की रजिस्ट्री करा सकेंगे। यह सुविधा ‘सबका सम्मान-जीवन आसान’ पहल के तहत शुरू की जा रही है, जो मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के ‘सात निश्चय-3’ कार्यक्रम का हिस्सा है। 1 अप्रैल 2026 से यह व्यवस्था पूरे राज्य में लागू हो जाएगी, जिससे बुजुर्गों को बार-बार निबंधन कार्यालय जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
ई-निबंधन पोर्टल के माध्यम से यह प्रक्रिया पूरी तरह डिजिटल और सरल बनाई गई है। बुजुर्गों या उनकी ओर से कोई परिजन मात्र 400 रुपये का नाममात्र शुल्क जमा करके ऑनलाइन आवेदन कर सकता है। आवेदन स्वीकृत होने के बाद मोबाइल रजिस्ट्रेशन यूनिट निबंधन अधिकारी के साथ आवेदक के घर पहुंचेगी और पूरी रजिस्ट्री प्रक्रिया पूरी करेगी। यह कदम न केवल समय की बचत करेगा, बल्कि बुजुर्गों की शारीरिक परेशानी और फ्रॉड की संभावना को भी कम करेगा।
नई व्यवस्था कैसे काम करेगी?
प्रक्रिया शुरू करने के लिए बुजुर्ग को ई-निबंधन पोर्टल (enibandhan.bihar.gov.in) पर जाना होगा। यहां उम्र 80 वर्ष या अधिक दर्ज करने पर ‘घर से रजिस्ट्री’ का विकल्प उपलब्ध होगा। आवेदक अपनी सुविधानुसार तारीख और समय चुन सकता है। आवेदन के बाद विभागीय टीम निर्धारित तिथि पर मोबाइल यूनिट लेकर पहुंचेगी, जहां बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन, दस्तावेजों की जांच और हस्ताक्षर/अंगूठे के निशान की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
रजिस्ट्री पूरी होने के तुरंत बाद खरीदार और विक्रेता दोनों के मोबाइल पर लिंक भेजा जाएगा, जिससे वे दस्तावेज डाउनलोड कर सकेंगे। पूरी प्रक्रिया 7 कार्य दिवसों के अंदर पूरी करने का लक्ष्य रखा गया है। इससे पहले पुरानी व्यवस्था में बुजुर्गों को मेडिकल सर्टिफिकेट के साथ आवेदन देना पड़ता था और अधिकारी मैनुअल तरीके से काम करते थे, जो जोखिम भरा और समय लेने वाला था। नई व्यवस्था में सब कुछ डिजिटल और सुरक्षित होगा।
क्यों शुरू की गई यह पहल?
बिहार में 80 वर्ष से अधिक उम्र के लाखों बुजुर्ग हैं, जिनमें से कई बीमार या शारीरिक रूप से कमजोर होते हैं। पुरानी प्रक्रिया में उन्हें कार्यालय पहुंचना पड़ता था, जो उनके लिए कष्टदायक था। कई मामलों में फ्रॉड की शिकायतें भी आती थीं, क्योंकि मैनुअल सत्यापन में गड़बड़ी की आशंका रहती थी। सरकार ने इन समस्याओं को ध्यान में रखते हुए डिजिटल इंडिया और ईज ऑफ लिविंग के तहत यह कदम उठाया है।
इस पहल से न केवल बुजुर्गों को लाभ मिलेगा, बल्कि जमीन खरीद-बिक्री में पारदर्शिता बढ़ेगी। फ्रॉड की घटनाएं कम होंगी और प्रक्रिया तेज होगी। विभाग ने फरवरी में पोर्टल में आवश्यक अपडेट पूरा कर लिया है और ट्रायल भी शुरू हो चुका है। 1 अप्रैल से यह सुविधा सभी जिलों में उपलब्ध होगी।
बुजुर्गों और परिवारों को क्या फायदा?
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समय और मेहनत की बचत: बुजुर्गों को घर से बाहर निकलने की जरूरत नहीं।
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सुरक्षा बढ़ेगी: मोबाइल यूनिट के जरिए बायोमेट्रिक और डिजिटल वेरिफिकेशन से फर्जीवाड़ा रुकेगा।
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कम खर्च: मात्र 400 रुपये का शुल्क, जो नाममात्र है।
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तेज प्रक्रिया: 7 दिनों में रजिस्ट्री पूरी।
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व्यापक लाभ: राज्य में करीब 4.87 लाख से अधिक 80+ बुजुर्ग हैं, जिन्हें सीधा फायदा मिलेगा।
अवर निबंधक और विशेष विवाह पदाधिकारी योगेश त्रिपाठी ने बताया कि यह व्यवस्था बुजुर्गों के सम्मान और सुविधा के लिए है। निबंधन अधिकारी खुद घर पहुंचकर प्रक्रिया पूरी करेंगे, जिससे पारदर्शिता बनी रहेगी।
Bihar Bhumi News: सरकार की डिजिटल पहल का हिस्सा
नीतीश कुमार सरकार लगातार डिजिटल सेवाओं को बढ़ावा दे रही है। ई-निबंधन पोर्टल पहले से ही ऑनलाइन स्लॉट बुकिंग और अन्य सुविधाएं दे रहा है, लेकिन बुजुर्गों के लिए घरेलू सेवा नया आयाम है। यह ‘सात निश्चय-3’ के ‘सबका सम्मान-जीवन आसान’ लक्ष्य को पूरा करने वाला कदम है, जिससे राज्य के नागरिकों का दैनिक जीवन सरल बनेगा।
यह सुविधा न केवल बुजुर्गों के लिए वरदान साबित होगी, बल्कि परिवारों को भी राहत देगी। आने वाले समय में अन्य श्रेणियों के लिए भी ऐसी सेवाएं बढ़ सकती हैं। फिलहाल, 80+ बुजुर्ग इस नई व्यवस्था का लाभ उठा सकेंगे। अधिक जानकारी के लिए ई-निबंधन पोर्टल पर जाएं या स्थानीय निबंधन कार्यालय से संपर्क करें।



