Bhagalpur Airport: भागलपुर को मिली बड़ी सौगात, अजगैवीनाथ धाम में ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट की DPR के लिए टेंडर जारी, कंसल्टेंट चयन प्रक्रिया तेज
अजगैवीनाथ धाम (सुल्तानगंज) में नए एयरपोर्ट की DPR के लिए टेंडर, 27 फरवरी तक प्रस्ताव, उड़ान योजना तहत, 472 करोड़ जमीन अधिग्रहण
Bhagalpur Airport: बिहार के भागलपुर जिले में प्रस्तावित ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट का सपना अब करीब आता दिख रहा है। नागरिक उड्डयन विभाग ने अजगैवीनाथ धाम (सुल्तानगंज) में बनने वाले इस नए हवाई अड्डे की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) तैयार करने के लिए कंसल्टेंट एजेंसी चुनने का टेंडर जारी कर दिया है। यह कदम राज्य की हवाई कनेक्टिविटी को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। टेंडर दो-लिफाफा सिस्टम के तहत है, जिसमें तकनीकी और वित्तीय बोली अलग-अलग खोली जाएंगी।
यह परियोजना बिहार सरकार और केंद्र की उड़ान योजना के तहत आगे बढ़ रही है। विभाग का लक्ष्य है कि DPR तैयार होने के बाद निर्माण कार्य तेजी से शुरू हो सकें, जिससे भागलपुर और आसपास के जिलों में आर्थिक विकास, पर्यटन और रोजगार के नए द्वार खुलें।
टेंडर की पूरी डिटेल्स और समयसीमा
नागरिक उड्डयन विभाग ने RFP (रिक्वेस्ट फॉर प्रपोजल) जारी किया है। पात्र एजेंसियां 27 फरवरी 2026 को दोपहर 3 बजे तक अपना प्रस्ताव जमा कर सकती हैं। टेंडर दस्तावेज विभाग की आधिकारिक वेबसाइट से मुफ्त डाउनलोड किए जा सकते हैं।
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तकनीकी बोली खुलने की संभावित तिथि: 10 मार्च 2026
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तकनीकी प्रस्तुति: 17 मार्च 2026 को दोपहर 12 बजे से पटना के सिविल एविएशन विभाग के कॉन्फ्रेंस हॉल में
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वित्तीय बोली खुलने की तिथि: बाद में अधिसूचित की जाएगी
प्री-बिड मीटिंग में उठाए गए सवालों के आधार पर जरूरी संशोधन जारी किए जाएंगे। यह प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी और प्रतिस्पर्धी होगी। DPR में तकनीकी, वित्तीय, पर्यावरणीय और अन्य पहलुओं का गहन अध्ययन होगा। एजेंसी को DPR तैयार करने में लगभग 12 महीने का समय मिलेगा।
परियोजना का बैकग्राउंड और महत्व
भागलपुर के सुल्तानगंज इलाके में अजगैवीनाथ धाम के पास यह ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट प्रस्तावित है। पहले चरण में लगभग 855-931 एकड़ भूमि का अधिग्रहण किया जाएगा। केंद्र सरकार ने बजट 2025-26 में उड़ान-5.2 योजना के तहत इसके लिए प्रावधान किया था। बिहार सरकार ने जमीन अधिग्रहण के लिए 472 करोड़ रुपये जारी किए हैं।
यह एयरपोर्ट उत्तर और पूर्वी बिहार को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय हवाई नेटवर्क से जोड़ेगा। भागलपुर के लोग अब दिल्ली, मुंबई, कोलकाता जैसे बड़े शहरों से सीधे जुड़ सकेंगे। इससे व्यापार, पर्यटन (खासकर अजगैवीनाथ मंदिर और विक्रमशिला विश्वविद्यालय) और निवेश बढ़ेगा। क्षेत्र में हजारों रोजगार के अवसर पैदा होंगे।
बिहार में कुल 8 ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट की योजना है, जिसमें भागलपुर के अलावा सोनपुर (सारण), मुजफ्फरपुर, सहरसा, मुंगेर आदि शामिल हैं। सोनपुर में तो पूर्वी भारत का सबसे बड़ा एयरपोर्ट बनेगा, जहां 4200 मीटर रनवे और 5 करोड़ यात्रियों की क्षमता होगी।
स्थानीय लोगों की उम्मीदें और चुनौतियां
भागलपुरवासियों में इस परियोजना को लेकर उत्साह है। वर्षों से हवाई संपर्क की कमी से जूझ रहे लोग अब विकास की नई उड़ान की उम्मीद कर रहे हैं। हालांकि, कुछ किसानों ने उपजाऊ जमीन अधिग्रहण पर विरोध जताया है। प्रशासन ओएलएस सर्वे और अन्य तकनीकी रिपोर्ट्स पर काम कर रहा है ताकि पर्यावरण और स्थानीय प्रभाव न्यूनतम रहें।
विशेषज्ञों का कहना है कि DPR तैयार होने के बाद निर्माण चरण में और तेजी आएगी। केंद्र और राज्य सरकार के सहयोग से यह परियोजना समय पर पूरी हो सकती है।
Bhagalpur Airport: बिहार की हवाई कनेक्टिविटी में नया अध्याय
नीतीश कुमार सरकार हवाई संपर्क को प्राथमिकता दे रही है। छोटे शहरों से विमान सेवाएं शुरू करने, बंद एयरपोर्ट्स को फिर से चालू करने और नए ग्रीनफील्ड प्रोजेक्ट्स पर फोकस है। भागलपुर का यह एयरपोर्ट बिहार के पूर्वी हिस्से के लिए गेम-चेंजर साबित होगा।
टेंडर प्रक्रिया पूरी होने के बाद DPR एजेंसी का चयन होगा, फिर निर्माण की राह और साफ होगी। भागलपुर अब विकास की नई उड़ान भरने को तैयार है।



