जन-समस्यालापरवाही

सचिव की लगातार अनुपस्थिति के कारण बरबीघा रेफरल में नहीं हो रहा रोगी कल्याण समिति का बैठक

सरकार के निर्देश पर सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र द्वारा मुहैया कराए जा रहे स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार एवं सेवाओं की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिये रोगी कल्याण समिति बैठक का प्रावधान है। इस समिति का मुख्य कार्य प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र में राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य कार्यक्रम के अन्तर्गत सभी योजनाओं के कार्यान्वयन का पर्यवेक्षण करना है। मगर बरबीघा रेफरल अस्पताल में कई महीनों से इस समिति की एक भी बैठक नहीं हुई है। इस बाबत पूछने पर जानकारी देते हुए समिति के सदस्य व नगर परिषद के सभापति रौशन कुमार ने बताया कि लगभग एक साल से इसका बैठक नहीं हुआ है। जिसके कारण अस्पताल में मिल रही सुबिधाओं के संचालन में काफी कठिनाई हो रही है। इसके लिए पता करने पर पहले तो कोरोना के कारण सभी प्रकार की बैठकों पर लगे प्रतिबंध का बहाना बनाया जा रहा था।

पर जब इस सम्बंध में जब अस्पताल के प्रबंधक राजन कुमार से बात हुई तो उन्होंने बहुत आग्रह के बाद जो सच्चाई बताई वो कुछ और ही निकली। दरअसल इस समिति के अध्यक्ष यहां के प्रभारी डॉ राजेन्द प्रसाद सिन्हा, सचिव डॉ सुनीता कुमारी, सदस्यों में प्रमुख नगर परिषद के सभापति रौशन कुमार के अलावे अन्य सदस्य भी शामिल हैं।

इस समिति के संचालन का सारा जिम्मा सचिव का होता है और इस अस्पताल के सचिव अपनी ड्यूटी अपनी मर्जी से करतीं हैं। बहरहाल कारण चाहे जो हो इसका हर्जाना आम लोगों को भुगतान पड़ रहा है।

वहीं राजन कुमार ने ये भी बताया कि अस्पताल में ए ग्रेड नर्सों की भी कमी है। जिसके कारण शिशु इंटेंसिव यूनिट आदि बहुत सारे विभागों का संचालन शुरू ही नहीं हो पा रहा है। हालांकि, इस समस्या के बारे में कल ही अस्पताल के निरीक्षण पर आए सिविल सर्जन डॉ बीर कुंवर सिंह को सूचित किया गया है। जिसके लिये उन्होंने जल्द ही इसका हल निकालने का आश्वासन भी दिया है।

Back to top button
error: Content is protected !!