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पूर्ण साक्षरता के लक्ष्य को हासिल करने में जुटा शेखपुरा, हो रही है दलित- महादलित महिलाओं को शिक्षित करने की तैयारी

मानव संसाधन विकास मंत्रालय, भारत सरकार के निर्देशानुसार केंद्र प्रायोजित प्रौढ़ शिक्षा कार्यक्रम पढ़ना लिखना अभियान के जिले में क्रियान्वयन हेतु शेखपुरा जिलाधिकारी इनायत खान के द्वारा जारी निर्देश के आधार पर जिले के सभी प्रखण्डों के प्रखण्ड संसाधन केंद्र में आज एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित किया गया। इस बैठक में सभी प्रखण्ड के साधन सेवी, संकुल संसाधन केंद्र समन्वयक, के आर पी एवं सभी विद्यालय प्रधान को इस अभियान को सफल बनाने हेतु जरूरी जानकारी दी गई। इस बैठक में जिला शिक्षा पदाधिकारी द्वारा प्रतिनियुक्त पदाधिकारियों ने भी हिस्सा लिया।

बरबीघा में जिला शिक्षा पदाधिकारी, शेखपुरा में जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (समग्र शिक्षा), शेखोपुरसराय में सहायक कार्यक्रम पदाधिकारी (बिहार शिक्षा परियोजना), अरियरी में साधन सेवी (बिहार शिक्षा परियोजना), घाटकुसुम्भा में लेखापाल (बिहार शिक्षा परियोजना) वहीं चेवाड़ा में कार्यक्रम सहायक (बिहार शिक्षा परियोजना) ने इस कार्यक्रम में हिस्सा लिया।

मिली जानकारी के मुताबिक इस कार्यक्रम के माध्यम से दलित और महादलित टोलों की समस्त असाक्षर महिलाओं को साक्षर किया जाएगा। इसके लिये सभी विद्यालय के प्रधानों को जिम्मेवारी सौंपी गई है। शिक्षक गांव और नगर के दलित-महादलित टोलों में घूमकर सभी असाक्षर महिलाओं को चिन्हित करेंगे। फिर हरेक 10 महिलाओं पर एक वोलेंटियर (VT) की नियुक्ति की जाएगी। ये वोलेंटियर इन असाक्षर महिलाओं को पढ़ना लिखना सिखाएंगे।

गौरतलब हो कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक ने हाल ही में कहा था कि सरकार की नई साक्षरता योजना ‘पढ़ना लिखना अभियान’ 2030 तक पूर्ण साक्षरता के लक्ष्य को हासिल करने की दिशा में एक लंबी छलांग होगी। कार्यक्रम का मुख्य लक्ष्य देश भर के ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में 15 वर्ष और इससे अधिक आयु समूह के 57 लाख निरक्षर वयस्कों को साक्षर बनाना है। उन्होंने कहा था कि इस लक्ष्य में मुख्य रूप से महिलाओं, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य वंचित समूहों को शामिल किया गया है। योजना में उन जिलों को प्राथमिकता दी जाएगी, जहां नई जनगणना के मुताबिक महिला साक्षरता दर 60 प्रतिशत से कम होगी।

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