खेती-बाड़ीशेखपुरा

खेतों में पराली जलानेवाले किसानों को होगा दो तरफा नुकसान, जिलाधिकारी ने खेतों की उर्वरा शक्ति बचाने की अपील की

शेखपुरा जिले में पराली या पुआल को जलाने वाले किसानों के विरुद्ध कार्रवाई करने के लिए जिला कृषि अधिकारी को निर्देशित किया गया है। जिला कृषि पदाधिकारी के मुताबिक कृषि समन्वयक द्वारा अब तक 175 किसानों को पराली जलाने के रूप में चिन्हित किया गया है। जो किसान पुआल या पराली को जलाएंगे, उन्हें सरकार द्वारा दिए जा रहे सभी योजनाओं से वंचित कर दिया जाएगा। इसके तहत बीज वितरण, यंत्रीकरण, मुख्यमंत्री बीज विस्तार योजना, बीज ग्राम योजना, हरित क्रांति योजना, प्रधानमंत्री सम्मान कृषि योजना इत्यादि से किसानों को वंचित कर दिया जाएगा।

जिलाधिकारी इनायत खान ने बताया कि पराली/पुआल जलाने से एक तरफ जहाँ वायु प्रदूषण फैलता है, वहीं दूसरी तरफ उनके खेत को भी काफी नुकसान होता है। इससे मिट्टी में पाए जाने वाले सूक्ष्म जीव भी नष्ट हो जाते हैं जो कई वर्षों तक मिट्टी की उर्वरा शक्ति को कम कर देते हैं। किसानों का मित्र केंचुआ जो कि कृषि उत्पादन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है, वह भी इसकी भेंट चढ़ जाता है। इसके साथ ही जिलाधिकारी ने किसानों से अपील की है कि फसल अवशेष को नहीं जलाएं। इसके बदले में कृषि प्रबंधन के द्वारा इसको मिट्टी में मिलाएं। इस प्रकार के कृषि यंत्र में सरकार के द्वारा 80% तक अनुदान दिया जा रहा है। पराली को जमीन में मिलाने से मिट्टी की उर्वरा शक्ति बढ़ती जाती है। पर्यावरण संरक्षण के लिए आप सभी का सहयोग अपेक्षित है। पराली को मिट्टी में मिलाने से मिट्टी की उर्वरा शक्ति बढ़ती जाती है। पर्यावरण संरक्षण के लिए आप सभी का सहयोग अपेक्षित है।

Back to top button
error: Content is protected !!