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Covid-19 वैक्सीन के उचित रख-रखाव के लिए समीक्षात्मक बैठक का आयोजन, ज्यादातर गर्भवती महिलाओं का घर में ही प्रसव पर व्यक्त की गई चिंता

भारत में Covid-19 की वैक्सीन बहुत जल्द लोगों को मिलने वाली है। इसके लिये सरकार पहले से ही सभी तैयारियों को मुकम्मल करना चाह रही है। इसी सिलसिले में आज शेखपुरा समाहरणालय के मंथन सभागार में उप विकास आयुक्त सत्येंद्र कुमार सिंह की अध्यक्षता में कोविड-19 वैक्सीन के उचित रख-रखाव के लिये समीक्षात्मक बैठक आयोजित हुई। इस बैठक यह निर्णय लिया गया कि जिला टास्क फोर्स के समान सभी प्रखंडों में ब्लॉक टास्क फोर्स बनाया जाएगा जिसमें आशा, सेविका, 9मुखिया, जनप्रतिनिधि आदि को भी शामिल किया जाएगा। कोविड-19 के संक्रमण से बचने के लिए सभी जिलेवासियों को टीका उपलब्ध कराया जाएगा।

लेकिन प्रथम फेज में स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों और कर्मियों को टीका सुलभ कराया जाएगा। इसके बाद आशा सेविका, सहायिका फ्रंट लाइन पर लड़ने वाले को यह टीका दिया जाएगा।

Covid वैक्सीन को सुरक्षित रखने हेतु 2 डिग्री से 8 डिग्री तापमान रहना अनिवार्य

कोविड-19 के वैक्सीन के रख-रखाव के संबंध में एसीएमओ डॉ कृष्ण मुरारी प्रसाद सिंह ने बताया कि सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में इसके लिए डीप फ्रीजर लगाया जा रहा है। सभी डीप फ्रीजर में कोविड-19 के वैक्सीन को सुरक्षित रखा जाएगा। उन्होंने बताया कि इसके सुरक्षित रखने हेतु 2 डिग्री से 8 डिग्री तापमान रहना चाहिए। अब तक जिले में हेल्थ वर्कर का 2085 डाटा अपलोड किया गया है। इस मौके पर सिविल सर्जन वीर कुमार सिंह ने बताया कि सभी स्वास्थ्य कर्मियों आशा, आईसीडीएस कर्मियों का डाटा अपलोड करना है। जिसके लिए आधार कार्ड के अलावे एक-एक आई कार्ड होना जरूरी है।

वहीं उप विकास आयुक्त सत्येंद्र कुमार सिंह ने कहा कि यदि प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में पर्याप्त जगह नहीं है, तो प्रखंड कार्यालयों में भी डीप फ्रीजर को रखने की व्यवस्था की जाए। उन्होंने प्रत्येक सप्ताह इसके लिए बैठक बुलाने का भी सुझाव दिया।

निजी प्रैक्टिस करने वाले सभी डॉक्टरों को भी डेटाबेस अपलोड करने का निर्देश दिया गया है।

कोविड-19 के टीके के रखरखाव के लिए जिला पशुपालन पदाधिकारी के कार्यालयों में सुरक्षित रखा जाएगा। कोविड-19 के वैक्सीनेशन के व्यापक प्रचार-प्रसार के लिए उप विकास आयुक्त ने कहा कि आईसीडीएस, शिक्षा एवं जिला जनसंपर्क अधिकारी को व्यापक प्रचार प्रसार करना होगा।

कोविड-19 के अवधि में गर्भवती महिलाओं का डिलीवरी घर में ही होने का आंकड़ा 10% से अधिक

कोविड-19 के अवधि में गर्भवती महिलाओं का प्रसव घर में ही होने का आंकड़ा 10% से अधिक हो गया है, जो चिंता का विषय है। इस मामले पर उप विकास आयुक्त ने कहा कि जिन क्षेत्रों में गर्भवती महिलाओं का प्रसव घर में ज्यादा हो रहा है, उस क्षेत्र की आशा के मानदेय को रोक दें और एएनएम और संबंधित डॉक्टरों को सक्रिय रूप से निगरानी करने का सख्त निर्देश दें।

सदर अस्पताल शेखपुरा में विगत 4 माह से नहीं हुआ है कोई भी सिजेरियन

साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि सदर अस्पताल शेखपुरा में विगत 4 माह से कोई सिजेरियन नहीं हुआ है, जो चिंतनीय है। इसको फिर से शुरू करवाने के लिये बैठक में यह विचार किया गया कि डॉ अशोक कुमार जो गिरिहिंडा पीएचसी में पदस्थापित हैं, उन्हें सदर अस्पताल में प्रतिनियुक्ति दिया जाए।

आज की बैठक में डॉ एमपी सिंह सदर अस्पताल अधीक्षक, डॉ बोरा SMO, परमानंद यू एन डी पी, निर्मल कुमार डीपीएम, सत्येंद्र प्रसाद जिला जनसंपर्क अधिकारी, प्रतिभा झा एमएमसी के साथ-साथ स्वास्थ्य विभाग के कई अधिकारी उपस्थित थे।

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