लापरवाहीशेखपुरा

सदर अस्पताल में एक नवजात शिशु की मौत, परिजनों ने लगाया लापरवाही का आरोप

शेखपुरा जिले के घाटकुसुंभा प्रखंड के कोरमा थाना क्षेत्र अंतर्गत एकंगरपुर गांव के निवासी धर्मेन्द्र महतो के घर 15 दिन पहले घाटकुसुम्भा PHC में एक बच्चे ने जन्म लिया था। जन्म के बाद से ही बच्चा बीमार था, जिसकी आज मौत हो गई। इस बारे में मृत नवजात के दादा ने बताया कि उनका परिवार बीमार नवजात को लेकर सदर अस्पताल में इलाज के लिए आया था। लेकिन सदर अस्पताल में डॉक्टर नहीं रहने के कारण इलाज में हुई देरी की बजह से बच्चे की मौत हो गई। वहीं सदर अस्पताल के प्रभारी डॉ बीरेंद्र कुमार ने सदर अस्पताल में बच्चे की मौत की बात को निराधार बताते हुए कहा कि नवजात का जन्म घाटकुसुम्भा में हुआ था। सीरियस होने के बाद वहां के डॉक्टरों ने उसे रेफर कर दिया। वहां से आते-आते बच्चे की रास्ते में ही मौत हो गई थी। शुरुआती जांच के बाद मृत पाए जाने पर सदर अस्पताल में भर्ती नहीं किया गया। वहीं डॉक्टर की अनुपस्थिति की बात को स्वीकारते हुए उन्होंने कहा कि ये सत्य है कि उस समय शिशु वार्ड में दो डॉक्टर डॉ बिपिन कुमार चौधरी और डॉ शैलेन्द्र कुमार की ड्यूटी थी। उस समय दोनों ही अपनी ड्यूटी से गायब थे। गौरतलब हो कि सिविल सर्जन ने हाल ही में इस तरह की मिली कई शिकायतों के बाद अस्पताल का औचक निरीक्षण कर सभी कर्मियों को ससमय ड्यूटी का सख्त हिदायत दिया था, उसके बाद भी नतीजा सिफर ही रहा।

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