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R और S शब्द के नाम से शेखपुरा का है गहरा रिश्ता, राजनीतिक क्षेत्रो में रही है मजबूत पकड़

शेखपुरा विधानसभा क्षेत्र का चुनाव सम्पन्न होने के बाद जीत हार की संभावनाओं पर लाखों की बाजी रखी जा रही है। शेखपुरा विधानसभा क्षेत्र पर अगर नजर डाले तो 1972 ई से विधानसभा क्षेत्र पर R शब्द वालों की मजबूत राजनीति की शुरुआत हुई है। R शब्द का शेखपुरा से गहरा संबंध है। राजो सिंह के पहले जो भी विधायक बने, लेकिन स्थायी नहीं रहे। जब राजो सिंह 1972 ई में चुनाव लड़े तो जीत दर्ज हुई। उसके बाद इनका लगातार शेखपुरा पर जीवनकाल तक कब्जा रहा। फिर राजो सिंह के पुत्र संजय सिंह, राजो सिंह की पुत्रबधू सुनीला देवी। लेकिन शेखपुरा शब्द पर सबसे मजबूत R शब्द की पकड़ रही है। दूसरी तरफ 2010 में रणधीर कुमार सोनी विधायक बने, जो लगातार दो बार जीत दर्ज किए। इस बार भी R शब्द का ही कब्जा रहने की संभावना है। शेखपुरा की स्थापना 6 सौ वर्ष पूर्व महान संत शाह सोब रहमतुल्लाह अलेह ने किया था। जिनके नाम में S और R का गहरा सम्बन्ध है। शेखपुरा विधानसभा क्षेत्र से इस बार जद यू और राजद के बीच सीधा टक्कर है। जिसमें राजद के प्रत्याशी का नाम V शब्द का है और जद यू के प्रत्याशी का R से है। सूत्रों की माने तो शेखपुरा विधानसभा का राजनीतिक चक्र R और S के बीच घूमता रहा है। R शब्द वालों को शेखपुरा ने राजनीतिक क्षेत्रो में मुकाम पर पहुंचाया है। R शब्द को शेखपुरा ने भारत के मानचित्र पर भी जगह दी है।आज भी लोग राजो सिंह की चर्चा करते थकते नहीं हैं और उन्होंने मजबूत राजनीतिक क्षमता को विकसित किया है। राजनीतिक पंडितो का कहना है कि R शब्द बालो के इर्द-गिर्द शेखपुरा की राजनीति घूमते रहती है। अगर अपने इतिहास को शेखपुरा बनाए रखती है तो फिर R का ही कब्जा शेखपुरा पर रहेगा।

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