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कोरोना ने भगवान को भी किया है परेशान, इसबार बच्चे नहीं उठा पाएंगे दुर्गा पूजा मेले का लुत्फ

कोरोना ने सिर्फ इंसानों को ही नहीं भगवान को भी परेशान किया है। इस बार हिंदुओं का पवित्र त्योहार दशहरा भी कोरोना की भेंट चढ़ गया। न कहीं पंडाल, न कहीं मेला। ऐसे में इन मेले में कमाई कर जो मजदूर अपना पेट भरते थे, उनकी फिक्र करने वाला कोई नहीं है। उन बच्चों का क्या, जो साल भर से माता के आने को इंतजार कर रहे थे, मेला घूमने की खातिर। चिंता मत कीजिये, एक मेला और लगा है यहाँ चुनावी मेला।

बरबीघा झंडा चौक स्थित बड़ी दुर्गा माता की प्रतिमा

बिहार में चुनाव का माहौल है और फिलहाल सभी उसमें व्यस्त हैं। जनता भी और जनप्रतिनिधि भी। सादगी भरे माहौल में माता शांति से कब आई पता ही नहीं लगा। 3 दिन और बचे हैं माता चली भी जाएंगी। न ढोल बजेगा न भक्त झूमेंगे।

बरबीघा महुआ तल स्थित मंझली दुर्गा माता की प्रतिमा

सरकार का दिशा-निर्देश आम जनता को तो पालन करना ही होगा। हाँ राजनीतिक जलसे में ढोल भी बजेंगे, मेले भी लगेंगे, लोग एक दूसरे के गले भी मिलेंगे और फिर मिठाइयां भी बंटेगी। वहां कोरोना नहीं जाएगा, सरकार ने रोक रखा है। वहां कोई कानून भी नहीं चलेगा, उन्होंने ही बनाया है। अब जो बनाते हैं उनको थोड़ी तो छूट मिलनी ही चाहिये, है कि नहीं।

बरबीघा फैजाबाद देवी मंदिर स्थित दुर्गा माता की प्रतिमा

खैर छोड़िये, आइये हम आपको माता का दर्शन करवाते हैं। इस बार का मेला घर बैठे ही दिखाते हैं। कानून का पालन करिये, कोरोना से बचके रहिये। मुंह पे लगाम के साथ-साथ मास्क लगाइये, हाथ साफ रखिये, और हाँ कुछ भी हो जाये अपने मनपसंद उम्मीदवार को वोट जरूर डालिये। माता का क्या है, वो तो दिलों में हैं भी और रहेंगी भी। सावधान रहिये, सतर्क रहिये और प्रेम से बोलिये जय माता दी।

बरबीघा के बुल्लाचक स्थित माता की प्रतिमा

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