राजनीतिशेखपुरा

मजूदरों को 2 सौ दिन काम की गारंटी और 5 सौ रुपया मजदूरी की मांग को लेकर भाकपा माले का प्रदर्शन

शेखपुरा भाकपा माले से संबंध रखने वाले अखिल भारतीय खेत व ग्रामीण मजदूर सभा (खेग्रामास) एवं अखिल भारतीय प्रगतिशील महिला एसोसिएशन (एपवा) के बैनर तले दोनों जन संगठनों के सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने दल्लू चौक से कटरा चौक होते हुए समाहरणालय शेखपुरा तक मार्च निकाला। मार्च का नेतृत्व खेग्रामस के जिला संयोजक विश्वनाथ प्रसाद, सुवेलाल मांझी, जिला सचिव विजय कुमार विजय, एपवा नेत्री तेतरी देवी अनीता देवी ने किया। मार्च के जरिए निम्नलिखित मांग किया गया जिसमें प्रमुख है-
१ स्वयं सहायता समूह जीविका समूह से जुड़ी सभी महिलाओं का लोन माफ किया जाए।
२ ग्रुप लोन पर ब्याज दर आधा किया जाए।
३ ब्याज पर ब्याज वसूलना बंद किया जाए।
४ सभी बाहरी श्रमिक और ग्रामीण मजदूरों को मनरेगा के तहत वर्ष में 200 दिन काम और ₹500 दैनिक मजदूरी देने की गारंटी की जाए।
५ जल जीवन हरियाली के नाम पर झोपड़ी उजाड़ना बंद किया जाए और उसे वैकल्पिक व्यवस्था किया जाए।
जिला समाहरणालय के समक्ष विजय कुमार विजय की अध्यक्षता में आयोजित सभा को संबोधित करते हुए एपवा नेत्री ने कहा की मोदी नीतीश के राज में महिला सशक्तिकरण के नाम पर महिलाओं पर अत्याचार ही बढ़ा है। कोरोना वायरस और लॉकडाउन के कारण समूह की महिलाओं की भारी दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे हालात में इनके साथ लोन वसूली का मामला अन्याय पूर्ण है। बचपन से ग्राम मंच के जिला संयोजक विश्वनाथ प्रसाद ने कहां की हम लगातार बाहरी श्रमिकों और ग्रामीण मजदूरों के सवालों पर संघर्ष चला रहे हैं। परंतु नीतीश मोदी सरकार मजदूरों इस विपदा की घड़ी में भी मनरेगा के तहत रोजगार देने में विफल है। यह पूंजीपतियों और अमीरों की तिजोरी भरने में लगी हुई है। भाकपा माले जिला सचिव विजय कुमार विजय ने कहा की नीतीश मोदी सरकार में गरीबों को 5 डिसमिल भूमि देने के बदले पहले से बचे हुए भूमिहीन गरीबों को उजाड़ने का काम कर रही है। माले ने गरीब बचाओ आंदोलन चलाकर इसका करारा जवाब दे रही है आने वाले विधानसभा चुनाव में नीतीश सरकार को उखाड़ फेंकने का आह्वान किया। मार्च में भाकपा माले प्रखंड सचिव कमलेश कुमार मानव, किसान नेता राम कृपाल सिंह, माले युवा नेता कमलेश प्रसाद, नरेश प्रसाद, राजेश कुमार राय, नोनू बती देवी, लालू देवी, सावित्री देवी, काली देवी, मिस्टर मांझी, नरेश रविदास, मधुबन रविदास सहित सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने भाग लिया।

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