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नीतीश कैबिनेट ने 28 एजेंडों पर लगाई मुहर, कोरोना के शिकार हुए सरकारी कर्मियों के परिवार को मिलेगा विशेष पारिवारिक पेंशन

बिहार कर्मचारी राज्य बीमा योजना के तहत महिला स्वास्थ्य कर्मी को पक्की नौकरी मिलेगी। संविदा पर काम कर रही महिलाओं की सीधी भर्ती होगी। उन्हें सारी सरकारी सुविधाएं मिलेंगी। बिहार सरकार की शनिवार को हुई कैबिनेट बैठक में कई महत्वपूर्ण एजेंडों पर मुहर लगी। इस बैठक में 28 एजेंडो पर मुहर लगी है। कैबिनेट मीटिंग में राज्य सरकार ने फैसला किया है कि कोरोना वायरस के संक्रमण से मरने वाले कर्मचारियों को विशेष पारिवारिक पेंशन का लाभ दिया जाएगा।

पहला अनुपूरक बजट

इसके अलावा 2004 के बाद नौकरी में आने वाले कर्मियों को सरकार ने बड़ी सौगात दी है। 2004 के बाद सेवा में आने वाले कर्मीयों को एनपीएस (NPS) का लाभ मिलेगा। वहीं वित्तीय वर्ष 2020-21 के लिए पहला अनुपूरक बजट के प्रस्ताव पर भी मुहर लग गई है। सरकार ने प्रथम अनुपूरक बजट के लिए 250 करोड़ की अतिरिक्त मंजूरी दी है। मानसून सत्र में सदन में सरकार इसे पेश करेगी।

महिला कर्मियों को सौगात

वहीं महिलाओं को भी बिहार सरकार ने सौगात दिया है। बिहार कर्मचारी राज्य बीमा योजना (BESIS) के तहत महिला स्वास्थ्य कर्मियों को पक्की नौकरी मिलेगी. संविदा पर काम कर रहे महिलाओं की सीधे भर्ती होगी. उन्हें सारी सरकारी सुविधाएं मिलेंगी।

52 नए पदों का सृजन

इसके साथ ही परिवहन विभाग में भी पदों का सृजन किया गया है। कुल 52 पदों पर अपर जिला परिवहन पदाधिकारी की बहाली होगी कैबिनेट मीटिंग में वृक्षारोपण पर भी 162 करोड़ रूपए खर्च किए जाएंगे। इसके अलावा राज्य निर्वाचन आयोग में आयुक्त के पद पर नियुक्ति के लिए मुख्यमंत्री को अधिकृत किया गया है। वहीं बिहार कर्मचारी राज्य बीमा योजना परिचारिका (नर्स) श्रेणी ‘ए’ (भर्ती, प्रोन्नति एवं सेवाशर्त्त) संवर्ग (संशोधन) नियमावली, 2020 को मंजूरी दी गई है।

8 डॉक्टर बर्खास्त

इसके अलावा बिहार सरकार ने सेवा से गायब रहने वाले 8 डॉक्टरों को भी बर्खास्त किया है। बर्खास्तगी पर कैबिनेट की मुहर लग गई है। 8 डॉक्टर्स में डॉ प्रीति शर्मा, डॉ वेनू झा, डॉ अशोक कुमार ,डॉ अजीत कुमार सिन्हा, डॉ कामेश्वर नारायण दुबे, डॉ साधना कुमारी डॉ साहिल तनवीर डॉ संजीव कुमार को सेवा से बर्खास्त किया गया है। मिली जानकारी के अनुसार इन सभी चिकित्सकों को लगातार 5 सालों से सर्विस से गायब रहने के आरोप में बर्खास्त किया गया। वहीं हिलसा के तत्कालीन अवर निबंधक रामप्रवेश चौहान को भी सेवा से बर्खास्त किया गया है।

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