जन-समस्याशेखपुरा

सड़कों पर अबैध अतिक्रमण बरबीघा के विकास में सबसे बड़ा रोड़ा, न जाने… कब मिलेगी मुक्ति?

Sheikhpura: बरबीघा में नगर चुनाव तो खत्म हो गया, परन्तु यहां की जनसमस्याएं खत्म होने का नाम नहीं ले रही हैं। जीत दर्ज करने वाले सभी जनप्रतिनिधि अपने अस्तित्व की लड़ाई तो लड़ रहे हैं, परन्तु जनता की समस्याओं से उन्हें कोई लेना-देना नहीं है। चुनाव में जीत से पहले बड़े-बड़े वादे करने वाले, लंबे-लंबे मेनिफेस्टो जारी करने वाले इन समस्याओं के बारे में सोच भी नहीं रहे हैं। यूँ तो यहां जनसमस्याओं की काफी लंबी सूची है। पर हम आज शहर की सबसे बड़ी समस्या की बात कर रहे हैं।

मुख्य बाजार में सड़कों पर अबैध अतिक्रमण इस शहर के विकास में सबसे बड़ा रोड़ा है। थाना चौक, पुरानी शहर, झंडा चौक, गोला रोड में पहले स्थाई दुकानदारों ने कब्जा जमा रखा है। ऊपर से सड़कों पर फुटपाथी दुकानदार अपनी दुकान सजाए बैठे हैं। रही-सही कसर फल, सब्जी सहित अन्य ठेला भेंडरों ने पूरी कर दी है। थाना चौक एवं झंडा चौक पर तो हालात सबसे ज्यादा बदत्तर है। स्थिति ये है कि अगर दोनों तरफ से दो कार इस मार्ग में प्रवेश कर जाए तो लोगों का पैदल चलना भी दुश्वार हो जाता है।

अब तो श्रीकृष्ण चौक से लेकर थाना चौक की चौड़ी सड़क भी अतिक्रमण का शिकार होते जा रही है। सड़क के दोनों तरफ अबैध रूप से हर दिन नई-नई दुकानें सज रही हैं। श्रीकृष्ण चौक के चारों तरफ जाने वाले रास्ते में भी अतिक्रमण शुरू हो गया है। आलम ये है कि पर्व-त्यौहार के दिनों में लोगों को घण्टों जाम का सामना करना पड़ता है। परन्तु इस ओर स्थानीय प्रशासन या किसी भी जनप्रतिनिधि का ध्यान नहीं जा रहा है। दो-एक दिन कार्रवाई के नाम पर खानापूर्ति के अलावे इस दिशा में कोई ठोस पहल नहीं हो सका है।

हालांकि इसके लिए प्रशासन के द्वारा अब तक दर्जनों बार अभियान शुरू किया गया है। बुलडोजर चलाकर अतिक्रमित भूमि पर बने कई दुकानों व मकानों को तोड़ा भी गया है। परन्तु हर बार यह अभियान स्थानीय राजनीति की भेंट चढ़ गया। दो-तीन के बाद अभियान स्वतः बन्द हो गया और चौथे दिन से हालात जस का तस हो गया। ऐसे में इस शहर की सबसे बड़ी समस्या से लोगों को निजात मिलना अब असंभव सा प्रतीत हो रहा है। अब तो स्थानीय लोग भी इसके अभ्यस्त होते जा रहे हैं। तभी तो उनकी ओर से भी कोई आवाज नहीं उठ रही है।

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