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नेकी की दीवार से जरूरतमंदों का हो रहा है भला, अगर आपके पास अधिक वस्त्र हैं तो यहां पर दें और अगर नहीं है तो यहां से लें

Sheikhpura: एक कहावत है नेकी कर दरिया में डाल। लेकिन बरबीघा में लोग नेकी को दरिया में नहीं, दीवारों पर टांग रहे हैं। जी हां, शहर के मशहूर व्हाट्सएप ग्रुप बरबीघा चौपाल की ओर से प्लस 2 हाई स्कूल बरबीघा के मुख्य द्वार के पास यह नेकी की दीवार बनाई गई है। जहां से कई गरीबों को मुफ्त में नए व पुराने पहनने लायक वस्त्र दान किया जा रहा है। इसका स्लोगन भी दिया गया है- अगर आपके पास अधिक वस्त्र हैं तो यहां पर दें और अगर नहीं है तो यहां से लें।

जरूरतमन्दों को गर्म कपड़े मुहैया कराना है मकसद
संगठन के अध्यक्ष अध्यक्ष सुधांशु कश्यप व कोषाध्यक्ष रितेश सेठ ने बताया कि बिगत चार-पांच साल से ठंढ के मौसम में यह अभियान चलाया जा रहा है। हमारा मकसद जरूरतमन्दों को गर्म कपड़े मुहैया कराना है। जरूरतमंद लोग यहां आकर अपने जरूरत के कपड़े ले जाते हैं। अधिक संख्या में वस्त्र जमा हो जाने पर इलाके के कई गांव जाकर इनके द्वारा जरूरतमंदों के बीच वस्त्र का वितरण कर दिया जाता है।

उन्होंने बताया कि संगठन के सदस्य अरुण साथी, शांतिभूषण, दीपक सिंह, अमित लोहानी, कन्हैया, अभिषेक, नीरज, विनोद आदि के अलावे कुछ अन्य लोग भी इसमें अपना योगदान दे रहे हैं। उन्होंने लोगों से अपील करते हुए कहा कि किसी के पास वैसे वस्त्र हैं, जिसका वे प्रयोग नहीं कर रहे हैं। वे अपने वस्त्र को ‘नेकी की दीवार’ को दे दें। यहां से जरूरतमंद आकर खुद इन्हें ले जाएंगे।

ऐसे बनी नेकी की दीवार
पिछले कुछ सालों से ईरान लोगों ने ऐसी दीवारें तैयार की हैं। इन पर जरूरतमंदों के लिए लोग कपड़े टांगकर चले जाते हैं। इसी तरह जरूरत वाले लोग यहां से कपड़े ले जाते हैं। वहां इन दीवारों को ‘वॉल ऑफ काइंडनेस’ कहा जाता है। उसी से प्रेरित होकर बरबीघा चौपाल के सदस्यों ने भी इस तरह की मुहिम शुरू करने का निर्णय लिया। उनकी इस पहल का समाज में सकारात्मक प्रभाव पड़ा। लोग अपने घरों के बेकार पड़े वस्त्र यहां पहुंचाने लगे। हर साल सैकड़ों जरूरत मंद लोग इसका लाभ उठा रहे हैं।

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