जन-समस्याशेखपुरा

बरबीघा रेफरल अस्पताल में लगा हाई मास्क लाइट बना शोभा की वस्तु, करीब 5 वर्षों से है खराब

Sheikhpura: बरबीघा रेफरल अस्पताल में लगा हाई मास्क लाइट आजकल मात्र शोभा की वस्तु बनकर रह गया है। करीब 5 सालों से यह अपने उद्धारकर्त्ता की वाट जोह रहा है। इसको ठीक कराने के लिए अस्पताल प्रशासन की ओर से कई बार पहल किया गया, परन्तु सब बेकार रहा। जिला प्रशासन के द्वारा भी इस ओर कभी ध्यान नहीं दिया गया। जिसके कारण यह आजतक ठीक नहीं हो सका।

इस बाबत अस्पताल के प्रभारी चिकित्सक डॉ फैसल अरशद ने बताया कि जब उन्होंने बरबीघा अस्पताल में जॉइन किया था, उस वक्त मात्र एक लाइट से ही पूरा परिसर जगमग हो जाता था। धीरे-धीरे कर उसके एक-एक बल्ब खराब होते गए। फिर ये पूरी तरह बन्द हो गया। अस्पताल प्रबंधन ने कई बार इसे ठीक कराने का प्रयास किया परन्तु मिस्त्री के द्वारा खर्च अधिक बताने के कारण फंड के अभाव में आजतक यह ठीक नहीं हो पाया। पता चला है कि पूर्व में नगर परिषद के द्वारा भी एक बार इसको ठीक करने का प्रयास किया गया था। परन्तु इसमें खर्च अधिक लग रहा था और इसके लिए कोई फंड नहीं होने के कारण छोड़ दिया गया।

दरअसल इस हाई मास्क लाइट को किसने लगवाया इसका कोई ठोस प्रमाण नहीं मिल सका है। स्थानीय लोगों ने बताया कि करीब एक दशक पहले शायद विधायक निधि से लाखों की लागत से अस्पताल में यह लाइट लगवाया गया था। परन्तु इसके रख-रखाव को लेकर कोई ठोस व्यवस्था नहीं की गई थी। जब तक खर्च कम लगा तब तक अस्पताल प्रबंधन ने इसे ठीक कराया। पर जब अधिक खर्च की बारी आई तो फंड के अभाव में इसे छोड़ दिया गया। जिसके कारण अब यह मात्र शोभा की वस्तु बन गया है। इसको लेकर स्थानीय लोगों की नजरें अब जिलाधिकारी सावन कुमार पर अटक गई हैं।

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