शेखपुराशोक सन्देश

करीब 45 साल पहले दहेज में मिली अनारकली की मौत पर सदमे में है पूरा परिवार, अंतिम संस्कार की तैयारी

Sheikhpura: अनारकली के नाम से मशहूर जिले की एकमात्र हथिनी की बीती रात्रि बरबीघा प्रखंड के मिल्कीचक गांव में मौत हो गई। उसकी मौत पर मालिक मुरारी कुमार जहां फुट-फुट कर रो पड़े, वहीं उनका पूरा परिवार भी सदमे में है। दूसरी तरफ महावत सहित पूरे जिले के लोग भी उसकी मौत पर गमगीन हो गए हैं। फिलहाल शेखपुरा प्रखंड के मेंहुस गांव में उसके अंतिम संस्कार की तैयारियां की जा रही है।

इस संबंध में मिली जानकारी में बताया गया कि अनारकली पिछले कुछ दिनों से बीमार चल रही थी। उसे पेट में गैस की गंभीर शिकायत थी। जिसका इलाज किया जा रहा था। वहीं कुछ लोगों ने बताया कि उसे सूखा हैजा भी हो गया था। जिसके बाद उसे बीते दिनों मिल्कीचक निवासी महावत अपने घर ले गया था। रविवार को भी उसे गैस की शिकायत हुई थी, दवाई भी दी गई थी। जिसके बाद वो बैठी तो फिर कभी न उठ सकी।

कहते हैं कि करीब 45 वर्ष पहले शेखपुरा प्रखंड के मेंहुस गांव निवासी मुरारी कुमार के पिता सूर्यमणि सिंह को अनारकली दहेज में मिली थी। लक्खीसराय के दरियापुर गांव निवासी उनके ससुर ने बड़े प्यार से रखने का भरोसा भी लिया था। तब से वो सूर्यमणि सिंह के घर की शोभा बढ़ा रही थी। शादी-ब्याह सहित अन्य मांगलिक कार्यक्रमों में दूर-दूर तक उसे बुलाया जाता था।

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