धर्म और आस्थाशेखपुरा

हर्षोल्लास के साथ मनाया गया रक्षाबंधन, मुस्लिम भाइयों को राखी बांधकर दिया एकता का संदेश, जेल में बंद भाइयों को भी राखी बांधने पहुंची बहनें

Sheikhpura: भाई-बहन के अटूट प्रेम और आस्था का पर्व रक्षाबंधन आज पूरे जिले में हर्षोल्लास से मनाया गया। इसे समझो न रेशम की डोर भैय्या, राखी का मतलब है प्यार भैय्या। कुछ इस तरह के गीत के बोल के संग बहनों ने भाइयों की कलाई प्रेम का धागा बांधा।

बहनों ने अपने भाइयों की कलाई पर राखी बांध कर जीवन भर रक्षा का वचन लिया। भाईयों का मुंह मीठा किया और भाईयों से नेग भी लिया। इस दौरान बच्चों में काफी उमंग देखने को मिला। नन्ही बच्चियां अपने भाईयों की कलाई पर राखी बांधकर और उपहार पाकर काफी खुश हुई।

मुस्लिम भाइयों को राखी बांधकर एकता का संदेश
इस मौके पर जिले में सांप्रदायिक सौहार्द की मिसाल भी देखने को मिली है। मुस्लिम भाईयों ने हिंदू बहनों से राखी बंधवाकर एकता का संदेश दिया। वहीं हिन्दू बहनों ने मुस्लिम भाइयों को राखी बांधकर सांप्रदायिक सौहार्द को बढ़ावा दिया है। मुस्लिम भाइयों ने भी उन्हें तोहफे में रक्षा, सुरक्षा और प्यार का उपहार दिया।

लोजपा (रामविलास) पार्टी के अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ के जिलाध्यक्ष इमाम गजाली ने पटना स्थित आवास पर अपनी मुंहबोली बहन अधिवक्ता स्वाती सिंह से राखी बंधवाया। उन्होंने बताया कि वे हर साल उन्हें राखी बांधने आती हैं। तो दूसरी तरफ बरबीघा के परसोबीघा निवासी केयर इंडिया के कर्मी अमन कुमार की पत्नी सिंधु कुमारी सहित अन्य ने रेफरल अस्पताल के प्रभारी चिकित्सक डॉ फैसल अरशद को राखी बांधकर प्रेम और भाईचारे के संदेश दिया। जेल में बंद कैदियों को बांधी राखी
वहीं इस अवसर पर भारी संख्या में बहनें जेल में बंद अपने भाइयों को राखी बांधने पहुंची। इस दौरान बंदियों से मिलने के लिए जेल के भीतर महिलाओं की लंबी लाइन देखने को मिली। इसको लेकर जेल प्रशासन के द्वारा भी खास इंतजाम किया गया था। जेल के कैदियों को राखी बांधने का विशेष प्रबंध किया गया था।

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