जन-समस्याशेखपुरा

11 सूत्री मांगों के समर्थन में सरपंच-पंच संघ का एकदिवसीय धरना, कहा- 2006 से हो रही है हमारी उपेक्षा

Sheikhpura: राज्यव्यापी आंदोलन के तहत सरपंच-पंच संघ के द्वारा समाहरणालय परिसर में एकदिवसीय धरना दिया गया। जिले के सभी सरपंचों व पंचों ने एक स्वर में अपनी 11 सूत्री मांगों को पूरा करने की मांग की। वहीं जिलाधिकारी के माध्यम से महामहिम राज्यपाल को ज्ञापन भी भेजा।

इस मौके पर संघ के जिलाध्यक्ष पंकज कुमार ने बताया कि ग्राम कचहरी के निर्वाचित जनप्रतिनिधियों को राज्य सरकार एवं शासन-प्रशासन के द्वारा वर्ष 2006 से लगातार उपेक्षित रखा जा रहा है। जिसकी वजह से राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के सपनों को साकार करने में हम जनप्रतिनिधियों को काफी कठिनाई होती है। न्याय के साथ विकासात्मक कार्य बाधित हो रहा है। पंचायती राज के तहत ग्राम कचहरी को जो अधिकार मिला है उसका क्रियान्वयन ठीक तरीक़े से नहीं हो रहा है। सूबे के सभी सरपंच उपसरपंच एंव पंचों को विधायक के तरह जनसंख्या के आधार पर वेतन, भत्ता, पेंशन, सुरक्षा, स्वास्थ्य तथा पूर्ण बीमा सुविधा दिया जाय।

सभी ग्राम कचहरी में अविलंब आदेशपाल, भू-मापक (अमीन), कम्प्यूटर ऑपरेटर, ग्राम रक्षादल एवं चौकीदार की नियुक्ति अथवा प्रतिनियुक्ति किया जाए। ग्राम कचहरियों को कम्प्यूटरीकृत कराते हुए प्रतिनिधि एवं कर्मीगण को प्रशिक्षित कराया जाए। आंगनवाड़ी, मनरेगा जन वितरण प्रणाली, सात निश्चय षष्ठम वित्त आयोग, कृषि, पशुपालन, ग्रामीण कार्य, कब्रिस्तान, शमशान सहित अन्य जनसरोकार से जुड़ी कार्य ग्रामकचहरी प्रतिनिधियों के अधिकार क्षेत्र में समाहित की जाय।

ग्रामकचहरी संचालन नियमावली, 2007 का शत्-प्रतिशत अनुपालन हो तथा धारा- 90 से 122 का अनुपालन एवं पुलिस प्रशासन का हस्तक्षेप बंद हो। ग्रामकचहरी न्यायपीठ को वार्ड अथवा पंचायत स्तर के विकासात्मक कार्यों की समीक्षा एवं एनओसी निर्गत करने का अधिकार दिया जाए।ग्रामकचहरी, सरपंच, उप-सरपंच एवं पंचगणों की मांग पर सुरक्षा प्रदान की जाय तथा इच्छुक प्रतिनिधियों को आग्नेयास्त्र का लाईसेंस प्रदान कराया जाय। बिहार प्रदेश पंच सरपंच संघ को सरकारी मान्यता प्रदान कर प्रखण्ड या राज्य स्तर पर अधिकारी, पुलिस पदाधिकारी द्वारा पूर्ण सहयोग सुनिश्चित कराया जाय।

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