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उज्ज्वल भारत उज्ज्वल भविष्य Power 2047 के समापन पर बिजली के क्षेत्र में हासिल की गई प्रमुख उपलब्धियों पर डाला प्रकाश, बरबीघा विधायक भी रहे मौजूद

Sheikhpura: संपूर्ण भारत वर्ष में स्वतंत्रता के 75वें वर्ष के उपलक्ष्य में आजादी का अमृत महोत्सव मनाया जा रहा है। इसी कड़ी में मंगलवार को विद्युत, नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय (Ministry of Power) के सहयोग से जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान में Ujjwal Bharat Ujjwal Bhavishya Power @2047 महोत्सवका समापन किया गया। जिसमें विधुत अधीक्षण अभियंता (जमुई), विद्युत कार्यपालक अभियंता (शेखपुरा) एवं जिला नोडल ऑफिसर के द्वारा केंद्र सरकार की ओर से बिजली क्षेत्र में हासिल की गई प्रमुख उपलब्धियों पर प्रकाश डाला गया।

बरबीघा विधायक सुदर्शन कुमार के साथ शेखपुरा पूर्वी के जिला परिषद सदस्य रघुनंदन कुमार, प्रखंड प्रमुख बिनोद कुमार, उपप्रमुख धीरज कुमार, व्यापार मंडल अध्यक्ष बृजेश कुमार सहित अन्य गणमान्य लोगों ने कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई। इस दौरान आगंतुकों और मेहमानों के साथ जुड़ने के लिए विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम, नुक्कड़ नाटक और विद्युत क्षेत्र पर बनी लघु फिल्मों का स्क्रीनिंग आदि का आयोजन किया गया। वहीं कोरोना को लेकर सभी उपस्थित लोगों को मास्क आदि भी वितरित किया गया।

विद्युत विभाग की कुछ उल्लेखनीय उपलब्धियां निम्न प्रकार हैं-

  • बिजली उत्पादन क्षमता 2014 में 2,48,554 मेगावाट से बढ़कर आज 4,00,000 मेगावाट हो गई है, जो हमारी मांग से 1,85,000 मेगावाट ज्यादा है।
  • भारत अब अपने पड़ोसी देशों को बिजली निर्यात कर रहा है।
  • पूरे देश को एक ग्रिड में जोड़ने के लिए 1,63,000 सीकेएम ट्रासमिशन लाइनें जोड़ी गईं, जो एक फ्रीक्वेंसी से संचालित हो रही है। लद्दाख से कन्याकुमारी तक और कच्छ से म्यांमार तक यह दुनिया के सबसे बड़े एकीकृत ग्रिड के रूप में उभरा है।
  • इस ग्रिड का इस्तेमाल करके हम देश के एक कोने से 1,12,000 मेगावाट बिजली पहुंचा सकते हैं।
  • हमने COP-21 में वचन दिया था कि 2030 तक अक्षय ऊर्जा स्रोतों से हमारी उत्पादन क्षमता का 40 फीसदी पहुंच जाएगा। हमने यह लक्ष्य शेड्यूल से 9 साल पहले नवंबर 2021 में ही हासिल कर लिया है।
  • आज हम अक्षय ऊर्जा स्रोतों से 1,63,000 मेगावाट से भी अधिक बिजली पैदा करते हैं।
  • हम दुनिया में अक्षय ऊर्जा क्षमता तेज गति से स्थापित कर रहे हैं।
  • 2,01,722 करोड़ रुपये के कुल लागत के साथ हमने विद्युत वितरण व्यवस्था को सुदृढ़ किया है। पिछले पांच वर्षों में बिजली के आधारभूत संरचना के तहत कई कार्यों को पूरा किया गया है। इनमें 2,921 नए सब-स्टेशन बनाना, 3,926 सब-स्टेशन का विस्तार, 6,04,465 सीकेएम एलटी लाइन स्थापित करना, 2,68,838 11 केवी एचटी लाइनें स्थापित करना, 1,22,123 सीकेएम कृषि फीडरों का फीडर पृथक्करण और स्थापना आदि शामिल है।
  • 2015 में ग्रामीण क्षेत्रों में विद्युत आपूर्ति की उपलब्धता औसतन 12.5 घंटे था, जो अब बढ़ कर औसतन 22.5 घंटे तक हो गया है।
  • सरकार द्वारा बिजली उपभोक्ताओं के अधिकार के तहत नियम, 2020 पेश किया गया। इसके तहत
    i. नए बिजली कनेक्शन प्राप्त करने की अधिकतम समय-सीमा अधिसूचित की गई है।
    ii. उपभोक्ता अब रूफ टॉप सोलर को अपना सकते हैं।
    iii. समय पर बिलिंग सुनिश्चित की जाएगी।
    iv. मीटर संबंधी शिकायतों को दूर करने के लिए समय-सीमा अधिसूचित किया गया।
    v. राज्य नियामक प्राधिकरण अन्य सेवाओं के लिए समयसीमा अधिसूचित करेगा।
    vi. उपभोक्ताओं की शिकायतों का निवारण करने के लिए DISCOMs द्वारा 24X7 कॉल सेंटर स्थापित किया जाएगा।
  • वर्ष 2018 में सिर्फ 987 दिनों में गांव (18,374) में 100 फीसदी विद्युतीकरण हासिल किया।
    18 महीनों में 100 फीसदी घरेलू विद्युतीकरण (2.86 करोड़) लक्ष्य हासिल किया। जिसे दुनिया का सबसे बड़ा विद्युतीकरण अभियान माना गया।
  • सौर पंपों को अपनाने के लिए शुरू की गई योजना जिसके तहत केंद्र सरकार 30 फीसदी सब्सिडी देगी और राज्य सरकार 30 फीसदी सब्सिडी देगी। इसके अलावा, 30 फीसदी ऋण सुविधा उपलब्ध होगी।

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