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धूम्रपान मुक्त घोषित हुआ शेखपुरा, जिलाधिकारी ने तम्बाकू मुक्त जिला बनाने का दिलाई शपथ, अब इसकी बिक्री व सेवन दंडनीय अपराध

शिक्षण संस्थानों के 100 गज के दायरे में तम्बाकू उत्पाद बेचने पर होगी दंडात्मक कार्रवाई, बच्चों को तम्बाकू उत्पाद बेचने पर 7 साल की जेल

Sheikhpura: आपका जिला बिहार का 22 वां धूम्रपान मुक्त जिला बन गया है। इसके तहत अब सार्वजनिक स्थलों यथा सिनेमा हॉल, बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन, सार्वजनिक सड़क, शिक्षण संस्थानों, कार्यालयों सहित अन्य सार्वजनिक स्थानों पर धूम्रपान करना दंडनीय अपराध होगा। वहीं सार्वजनिक स्थानों पर धूम्रपान करते पकड़े जाने पर जुर्माना भी भरना पड़ेगा। इसके अलावे बच्चों को तम्बाकू उत्पाद बेचने पर 7 साल की जेल होगी।

समाहरणालय के सभा कक्ष में आज हुए तंबाकू समन्वय समिति (DTCCC) की बैठक में शेखपुरा को धूम्रपान मुक्त जिला घोषित किया गया। जिलाधिकारी सह तंबाकू नियंत्रण समन्वय समिति के अध्यक्ष सावन कुमार की अध्यक्षता में आयोजित इस कार्यक्रम में जिले के सभी वरीय पदाधिकारियों से धूम्रपान मुक्त घोषणापत्र पर हस्ताक्षर कराया गया। साथ ही जिले को धूम्रपान एवं तम्बाकू मुक्त बनाए रखने की अपील भी की गई।

कार्यक्रम में शामिल राज्य सरकार की तकनीकी सहयोगी संस्था सोशियो इकोनॉमिक एण्ड एजुकेशनल डेवलपमेंट सोसाईटी (सीड्स) के कार्यपालक निदेशक दीपक मिश्रा ने बताया कि COTPA -2003 की धारा 4 (सार्वजनिक स्थानों पर धूम्रपान पर प्रतिबंध) के अनुपालन की बेहतर स्थिति पाए जाने पर जिलों को धूम्रपान मुक्त घोषित किया जाता है। अब तक राज्य के 22 जिलों यथा मुंगेर, कटिहार, पटना, लखीसराय, मधेपुरा, सहरसा, वैशाली, गोपालगंज, मधुबनी, खगड़िया, दरभंगा, समस्तीपुर, वैशाली, गया, अरवल, सीतामढ़ी, सुपौल, पूर्णिया, जमुई, मुजफ्फरपुर एवं शिवहर को धूम्रपान मुक्त जिला घोषित किया जा चुका है। जिलाधिकारी द्वारा आज शेखपुरा को राज्य के 22 वां धूम्रपान मुक्त जिला घोषित किया गया है। यहां कोटपा की धारा 4 का अनुपालन 90% से अधिक पाया गया है।

इस मौके पर जिलाधिकारी ने प्रसन्नता जाहिर करते हुए इस अभियान से संबंधित तमाम अधिकारिओं को धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि सभी के सामूहिक प्रयास से जिला धूम्रपान मुक्त हुआ है। इसकी घोषणा के बाद अब जिलेवासियों की जिम्मेवारी और बढ़ जाएगी। साथ ही उन्होंने समस्त जिलेवासियों से अपील करते हुए कहा कि धूम्रपान के बाद अब हमलोगों को तम्बाकू मुक्त जिला बनाने की मुहिम शुरू करनी है। ताकि हमारी आने वाली पीढ़ियों को तम्बाकू के दुष्प्रभावों से बचाया जा सके। वहीं उन्होंने तम्बाकू नियंत्रण हेतु जिले में गठित त्रिस्तरीय छापामार दस्ते के सभी सदस्यों को शैक्षणिक संस्थानों के 100 गज के दायरे में अवस्थित सभी तम्बाकू उत्पाद बेचने वाले दुकानदारों को हटवाते हुए नियमित रूप से छापामारी करने का निर्देश दिया।

उन्होंने बताया कि तंबाकू सेवन करना एक खतरनाक आदत है जहां छोटे-छोटे बच्चे हैं वहां तो स्थिति और भी अधिक नाजुक बन जाती है। तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम को अभियान के रूप में चलाए जाने के काफी अच्छे परिणाम प्राप्त हो सकते हैं। सभी स्तर पर तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम को सफल बनाने में सहयोग की अपेक्षा है। जिलाधिकारी ने कहा कि राज्य सरकार पूरे राज्य को नशामुक्त बनाने हेतु कृतसंकल्पित है। नशामुक्त बिहार की परिकल्पना तभी साकार होगी जब राज्य तम्बाकू मुक्त हो जायेगा।

शपथ दिलाते जिलाधिकारी व अन्य पदाधिकारी

इस कार्यक्रम में सिविल सर्जन डॉ पृथ्वीराज, डीपीआरओ सोनी कुमारी, पुलिस उपाधीक्षक मुख्यालय, एन सी डी सेल के वित्तीय सह लाजिस्टिक् सलाहकार, सीड्स के जिला कार्यक्रम पदाधिकारी सुनील चौधरी, नरेन्द्र कुमार शाही, डीपीएम श्याम कुमार निर्मल सहित सभी प्रखंड विकास पदाधिकारी, प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी व थानाध्यक्ष भी मौजूद थे।

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