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बड़े हादसे को लेकर आशंकित रहते हैं प्राथमिक विद्यालय के बच्चे व शिक्षक, रोजाना होता है डर से सामना

Sheikhpura: एक तरफ बिहार सरकार बच्चों की शिक्षा एवं विद्यालयों की स्थिति में सुधार के लिये लगातार प्रयासरत्त है। गरीब बच्चों को शिक्षित बनाने के लिए मिड डे मिल, पोशाक, छात्रवृत्ति आदि की व्यवस्था कर उन्हें स्कूल जाने को प्रोत्साहित किया जा रहा है।

दूसरी तरफ बरबीघा नगर क्षेत्र के वार्ड संख्या 1 स्थित प्राथमिक विद्यालय बहुत बुरी स्थिति में है। यहां पढ़ाई करने वाले बच्चों एवं शिक्षकों को रोजाना डर का सामना करना पड़ रहा है। स्कूल में कभी भी बड़े हादसे को लेकर शिक्षक व छात्र आशंकित रहते हैं।

दरअसल स्कूल के मुख्य गेट पर एक पुराना कुआं है, जो बहुत ही जीर्ण-शीर्ण अवस्था में पहुंच चुका है। कुएं के अंदर पीपल का पेड़ उग जाने के कारण इसकी मुंडेर चारों तरफ से टूट गई है। वहीं कचरा फेंके जाने कारण कुएं का पानी भी विषैला बन गया है। मुख्य दरबाजे के ठीक सामने कुआं होने के कारण मुश्किल से दो फीट चौड़े रास्ते से बच्चे आते-जाते हैं। अब ऐसे में मुंडेर के टूट जाने के कारण हर समय बच्चों के कुएं में गिरने का खतरा बना रहता है। वहीं कुएं में जंगल होने के कारण सरी-सृपों का भी खतरा बना रहता है। ऐसे में भविष्य में अगर कुछ कोई अनहोनी हो जाए तो इसका जिम्मेदार कौन होगा?

इस बारे में स्कूल में कार्यरत्त सहायक शिक्षक टुनटुन कुमार ने बताया कि इसके लिए कई बार विभाग को सूचित करने के बाद भी अधिकारिओं का इस ओर ध्यान नहीं गया है। कुएं के कारण स्कूल में बच्चों को खेलने तक की जगह नहीं है। उन्होंने विभाग से इस कुएं को भरकर पीपल पेड़ के चारों तरफ चबूतरा निर्माण कराने की मांग की है, ताकि बच्चों को भविष्य के खतरे से बचाया जा सके।

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