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अनुमंडलाधिकारी के आश्वासन के बाद मान गए आक्रोशित लोग, टूट गया सड़क जाम, लोगों को मिली राहत

Sheikhpura: बरबीघा नगर क्षेत्र के श्रीकृष्ण चौक पर हुए भीषण सड़क दुर्घटना के विरोध में लगा जाम अनुमंडलाधिकारी निशांत कुमार के आश्वासन के बाद टूट गया। उन्होंने मृतक के परिजनों को सांत्वना देते हुए सरकार द्वारा निर्धारित मुआबजे के साथ-साथ हरसम्भव सरकारी मदद का भरोसा दिया।

साथ ही मौके पर मौजूद अधिकारिओं को स्थानीय लोगों की जायज मांगों को अबिलंब पूरा करने का निर्देश भी जारी किया। उनके इस आश्वासन के बाद आक्रोशित लोग मान गए और सड़क जाम को हटा दिया गया। इस मौके पर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी कल्याण आनंद के साथ भारी संख्या में पुलिसकर्मी भी मौजूद थे।

मृतक की लाश से लिपटकर बिलखती बेटी व पत्नी

स्थानीय लोगों की क्या थी मांग?
स्थानीय लोगों ने प्रशासन ने प्रशासन से बरबीघा बाजार के रास्ते में बड़ी गाड़ियों का परिचालन बन्द करने, थाना चौक के पास बस स्टैंड को अन्यत्र स्थानांतरित करने, एनएच के दोनों तरफ स्पीड ब्रेकर बनाने व श्रीकृष्ण चौक पर ट्रैफिक कंट्रोल हेतु पुलिस कर्मियों की तैनाती की मांग की। अनुमंडलाधिकारी ने स्थानीय लोगों की मांगों को धैर्यपूर्वक सुनते हुए उन्हें जायज माना और अबिलंब इसके लिये वहां मौजूद अधिकारिओं को निर्देश जारी किया।

मृतक की लाश को अस्पताल से ले जाते आक्रोशित लोग

क्या है पूरा मामला? कैसे हुई दुर्घटना?
श्रीकृष्ण चौक पर मंगलवार को करीब 3 बजे बाबा रथ नामक यात्री बस ने एक राहगीर को बुरी तरह कुचल दिया। इस दुर्घटना में हटिया मोड़ निवासी निवासी रिटायर्ड शिक्षक स्व. अखिलेश्वर प्रसाद के 36 वर्षीय पुत्र रवि कुमार रंजन की मौके पर ही मौत हो गई। दुर्घटना के बाद बस चालक वहां से भागने में कामयाब हो गया। वहीं बस को स्थानीय पुलिस ने अपने कब्जे में ले लिया।

सड़क जाम करते लोग

दुर्घटना से पहले और एनएच निर्माण के बाद स्थानीय लोगों के द्वारा सम्भावित दुर्घटना का अंदेशा जताते हुए प्रशासन से उपरोक्त मांगें मांगी गई थी। पर उसपर कोई विचार नहीं किया गया था। आज की इस दुर्घटना के बाद स्थानीय लोग उग्र हो गए और सड़क जाम कर दिया। जाम के कारण दोनों तरफ गाड़ियों की लंबी कतार लग गई। मतदान केंद्र पर कर्मियों एवं सुरक्षबलों को ले जाने वाली गाड़ियां भी जाम में फंस गई।

घटनास्थल पर मौजूद विधायक प्रतिनिधि एवं थानाध्यक्ष के साथ पुलिस के जवान

हालांकि स्थानीय थाना पुलिस के द्वारा लोगों को समझाने की कोशिश की गई। पर, स्थानीय लोग वरीय अधिकारी से बात करने की जिद पर अड़ गए। बाद में स्थानीय विधायक के प्रतिनिधि ने मौके पर पहुंचकर वरीय अधिकारिओं को घटना की सूचना दी। जिसके बाद चुनावी कार्य को बीच में छोड़कर अनुमंडलाधिकारी के साथ अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी घटनास्थल पर पहुंचे और आक्रोशित लोगों को समझाकर शांत किया।

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