धर्म और आस्थाशेखपुरा

इस बार 8 दिन की होगी नवरात्रि, भक्तों के लिए सुख-समृद्धि लेकर आएंगी माता रानी, जानें पूजा की विधि

Sheikhpura: आश्विन मास में शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि 7 अक्टूबर यानि गुरुवार से मां दुर्गा की उपासना का पावन त्योहार नवरात्रि का शुभारंभ होने वाला है। हिंदू धर्म में नवरात्रि का बहुत अधिक महत्व होता है। नवरात्रि में मां दुर्गा के अलग-अलग स्वरूपों की पूजा की जाती है। नवरात्रि के 9 दिनों में मां के 9 रूपों की पूजा-अर्चना की जाती है। मां को प्रसन्न करने के लिए भक्त व्रत भी रखते हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार नवरात्रि के दौरान विधि-विधान से मां दुर्गा की पूजा करने से सभी मनोकामनाएं पूरी हो जाती हैं। मान्यता है कि ऐसा करने से भक्तों को विशेष फल की प्राप्ति होती है।

8 दिन की होगी नवरात्रि
इस बार मां दुर्गा गुरुवार को पालकी या डोली पर सवार होकर भक्तों को सुख-समृद्धि देने आ रही हैं। मां जब भी पालकी पर आतीं हैं तो हाथी पर ही गमन निश्चित होता है। वहीं इस साल शारदीय नवरात्र आठ दिन का ही होने वाला है। 9 अक्टूबर शनिवार को तृतीया तिथि सुबह 7 बजकर 48 मिनट तक ही रहेगी। इसके बाद चतुर्थी तिथि अगले दिन 10 अक्टूबर (शनिवार) को सुबह 5 बजे तक रहेगी। दो तिथियां एक साथ लगने के कारण नवरात्र आठ दिन ही मनाया जाएगा। तृतीया और चतुर्थी तिथि एक साथ पड़ने के कारण शारदीय नवरात्र 14 अक्टूबर को संपन्न होगा एवं 15 अक्टूबर को विजयादशमी (दशहरा) का त्योहार मनाया जाएगा।

नवरात्रि का पूरा कैलेंडर

  • पहला दिन (7 अक्टूबर)- मां शैलपुत्री की पूजा
  • दूसरा दिन (8 अक्टूबर)- मां ब्रह्मचारिणी की पूजा
  • तीसरा दिन (9 अक्टूबर)- मां चंद्रघंटा व मां कुष्मांडा की पूजा
  • चौथा दिन (10 अक्टूबर)- मां स्कंदमाता की पूजा
  • पांचवा दिन (11 अक्टूबर)- मां कात्यायनी की पूजा
  • छठां दिन (12 अक्टूबर)- मां कालरात्रि की पूजा
  • सातवां दिन (13 अक्टूबर)- मां महागौरी पूजा
  • आठवां दिन (14 अक्टूबर)- मां सिद्धिदात्री की पूजा
  • नौंवा दिन (15 अक्टूबर)- दशमी नवरात्रि पारण/दुर्गा विसर्जन

माता की पूजन-विधि
सुबह उठकर जल्दी स्नान कर लें, फिर पूजा के स्थान पर गंगाजल डालकर उसकी शुद्धि कर लें। घर के मंदिर में दीप प्रज्वलित करें। मां दुर्गा का गंगा जल से अभिषेक करें। मां को अक्षत, सिन्दूर और लाल पुष्प अर्पित करें, प्रसाद के रूप में फल और मिठाई चढ़ाएं। धूप और दीपक जलाकर दुर्गा चालीसा का पाठ करें और फिर मां की आरती करें।
मां को भोग भी लगाएं। इस बात का ध्यान रखें कि भगवान को सिर्फ सात्विक चीजों का भोग लगाया जाता है।

पूजा में इस्तेमाल होने वाली सामग्री
लाल चुनरी, लाल वस्त्र, मौली, श्रृंगार का सामान, दीपक, घी/तेल, धूप, नारियल, साफ चावल, कुमकुम, फूल, देवी की प्रतिमा या फोटो, पान, सुपारी, लौंग, इलायची, बताशे या मिसरी, कपूर, फल-मिठाई, कलावा

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