राजनीतिशेखपुरा

राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर की जयंती को धिक्कार दिवस के रूप में मनाया, बरबीघा उच्च विद्यालय का नाम राष्ट्रकवि के नाम पर करने की मांग

Sheikhpura: “बरबीघा बचाओ, बरबीघा बनाओ” बैनर तले गुरुवार को राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर की जयंती को धिक्कार दिवस के रूप में मनाया गया। इस दौरान पूर्व विधानसभा प्रत्याशी शिवकुमार के नेतृत्व में बरबीघा उच्च विद्यालय में स्थापित राष्ट्रकवि की प्रतिमा पर बड़ी संख्या में नौजवानों ने काला बिल्ला लगाकर पुष्पांजलि की।

इस मौके पर राष्ट्रकवि को याद करते हुए शिव कुमार ने कहा कि यह दुर्भाग्य है कि राष्ट्रकवि जिस विद्यालय के संस्थापक प्रधानाचार्य रहे। उस विद्यालय का नाम आज तक नहीं उनके नाम पर नहीं किया जा सका। वर्तमान मुख्यमंत्री के द्वारा अनेक अवसरों पर घोषणा के बावजूद भी बरबीघा उच्च विद्यालय का नाम राष्ट्रकवि के नाम पर नहीं किया जा सका। उन्होंने कहा कि बरबीघा उच्च विद्यालय का नाम राष्ट्रकवि के नाम पर रखने, बरबीघा को अनुमंडल का दर्जा देने, श्री बाबू की सबसे बड़ी देन यहाँ की अपर सकरी नहर बनाने और प्रख्यात स्वतंत्रता सेनानी और बिहार के प्रथम मुख्यमंत्री श्री बाबू और उनकी पत्नी रामरूचि देवी के नाम पर स्थापित एस के आर कालेज को क्षरण से बचाने की मांग बिगत कई सालों से चल रही है।

उन्होंने कहा कि राष्ट्रकवि दिनकर न केवल बरबीघा और बिहार के बल्कि राष्ट्र के भी गौरव थे। अपनी जिन्दगी की पहली नौकरी उन्होंने बरबीघा उच्च विद्यालय के संस्थापक प्रधानाचार्य के रूप में की, जिसके आज भी सभी दस्तावेज सुरक्षित हैं। इलाके के लोगों को इस बात का गर्व है। उन्होंने नौजवानों एवं छात्रों से इसके लिए अभियान चलाने की अपील भी की है।

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