Voter Adhikar Yatra: राहुल गांधी को नौगछिया कोर्ट में रात रुकने की इजाजत नहीं, वोटर अधिकार यात्रा में हंगामा
बिहार में वोटर अधिकार यात्रा के दौरान राहुल गांधी को नौगछिया कोर्ट परिसर में रात रुकने से रोका गया, सियासी विवाद बढ़ा।

Voter Adhikar Yatra: बिहार में वोटर अधिकार यात्रा के दौरान कांग्रेस नेता राहुल गांधी को नौगछिया कोर्ट परिसर में रात रुकने की अनुमति नहीं मिली। राहुल गांधी, RJD प्रमुख लालू प्रसाद यादव और तेजस्वी यादव के साथ यह यात्रा कर रहे हैं। इस घटना ने बिहार की सियासत में हलचल मचा दी है। यात्रा का मकसद मतदाता सूची में गड़बड़ी को उजागर करना है।
क्या हुआ नौगछिया में?
वोटर अधिकार यात्रा 17 अगस्त को सासाराम से शुरू हुई और 22 अगस्त को भागलपुर पहुंची। राहुल गांधी और तेजस्वी यादव की योजना नौगछिया कोर्ट परिसर में रात बिताने की थी। लेकिन स्थानीय प्रशासन ने सुरक्षा कारणों से इसकी इजाजत नहीं दी। प्रशासन का कहना है कि कोर्ट परिसर में रात रुकना नियमों के खिलाफ है। इस पर विपक्ष ने नाराजगी जताई और इसे सरकार का दबाव बताया। राहुल को पास के एक गेस्ट हाउस में ठहरना पड़ा।
Voter Adhikar Yatra: वोटर अधिकार यात्रा का उद्देश्य
यह यात्रा बिहार में 65 लाख वोटरों के नाम गलत तरीके से हटाए जाने के खिलाफ है। राहुल और तेजस्वी का कहना है कि गरीब और कमजोर वर्ग के लोग सबसे ज्यादा प्रभावित हुए हैं। यह यात्रा 23 जिलों से होकर 1 सितंबर को पटना में खत्म होगी। इसमें जनसभाएं और रोड शो हो रहे हैं। लालू प्रसाद यादव ने कहा, “हम जनता के वोट के अधिकार की रक्षा करेंगे।” यह यात्रा लोगों में जागरूकता बढ़ा रही है।
लोगों की प्रतिक्रिया और सियासत
नौगछिया की घटना से स्थानीय लोग नाराज हैं। उनका मानना है कि राहुल गांधी को रुकने से रोकना गलत है। विपक्ष इसे लोकतंत्र पर हमला बता रहा है, जबकि NDA का कहना है कि नियम सबके लिए बराबर हैं। यह विवाद बिहार विधानसभा चुनाव 2025 को और रोमांचक बना रहा है। लोग इस यात्रा को अपने अधिकारों की लड़ाई मान रहे हैं।