अपराधशेखपुरा

गर्भवती महिला के साथ बेरहमी से हुई मार-पीट, मामला दर्ज, ससुर ने भी बेटे को जान मारने की नीयत से हमले की दर्ज कार्रवाई प्राथमिकी

Sheikhpura: बरबीघा प्रखंड के माउर गांव में बीती रात्रि हुए घरेलू विवाद में ससुराल वालों के द्वारा गर्भवती महिला को बुरी तरह पीट दिया। इस हमले में अंकित कुमार की पत्नी सुष्मिता कुमारी बुरी तरह घायल हो गई। पड़ोसियों की सूचना पर पुलिस ने घायल महिला को अस्पताल पहुंचाया, जहां उसका इलाज किया गया। वहीं दूसरी तरफ अंकित कुमार को भी उसके परिजनों के द्वारा सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया। जहां डॉक्टरों ने दोनों का उचित इलाज किया। इस मामले में दोनों पक्षों की ओर से थाने में मामला दर्ज कराया गया है। सुष्मिता कुमारी ने जहां ससुर बिनोद सिंह, सास रेखा देवी के साथ देवर अभिषेक कुमार, सुराज कुमार एवं छोटू कुमार को नामजद अभियुक्त बनाते हुए मारपीट एवं प्रताड़ित करने का आरोप लगाया है। वहीं दूसरी तरफ अंकित कुमार के पिता ने भी बहु के ऊपर अपने बेटे के ऊपर जान से मारने के विचार से हमला करने का आरोप लगाया गया है। इस संबन्ध में थानाध्यक्ष जयशंकर मिश्र ने बताया कि दोनों पक्षों की ओर से मामला दर्ज कर लिया गया है। जांच के बाद उचित कार्रवाई की जाएगी।

क्या है पूरा मामला, जानें पूरी बात
दरअसल ये विवाद बहुत पुराना है। सुष्मिता के मुताबिक इस विवाद की शुरुआत अंकित एवं सुष्मिता की शादी के बाद ही हो गई थी। सुष्मिता के संबंधियों ने लड़के के एयरफोर्स में नौकरी लगी होने की झूठी खबर फैलाकर शादी तय करवा दी। उसके पिता ने भी अच्छा-खासा दहेज दिया और शादी हो गई। शादी के कुछ दिन बाद जब सुष्मिता को पता चला कि उसका पति कोई काम-धंधा नहीं करता तो उसको बहुत गहरा झटका लगा। उसके बाद उसने हालात से समझौता कर लिया और अपने पति को घर चलाने के लिये कोई काम-काज ढूंढने के दवाब बनाने लगी। यहीं से झगड़े की शुरुआत हो गई। सास-ससुर, देवर सभी उसके खिलाफ हो गए, कई बार उसको पीटा भी गया। 20 दिन पहले भी सुष्मिता के द्वारा चारों के खिलाफ स्थानीय थाने में मामला दर्ज करवाया गया था। जिसमें गांव के ही कुछ युवकों के द्वारा समझाने के बाद थाने में बांड भरवाकर मामले को दबा दिया गया था। उन्हीं युवकों में से एक ने सुष्मिता के पति को एयरटेल कम्पनी में नौकरी लगवा दिया। सब-कुछ ठीक-ठाक ही चल रहा था। जिसके बाद फिर से गुरुवार की रात्रि कहा-सुनी हुई और बात यहां तक पहुंच गई। ग्रामीण सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक सुष्मिता को 3 महीने का गर्भ है। बाबजुद इसके कल घटना के बाद भी घायल महिला को कमरे में बन्द रखा गया था, जिसे एक अन्य ग्रामीण के हस्तक्षेप के बाद निकाला गया। मामले की हकीकत का खुलासा तो पुलिसिया जांच के बाद ही हो पायेगा। पर इस बात में अगर थोड़ी सी भी सच्चाई है तो महिला के साथ इस तरह का व्यवहार बेहद शर्मिंदगी भरा है। समाज में महिलाओं के प्रति इस तरह की बर्बरता वाकई सोचनीय है।

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