जन-समस्याशेखपुरा

महादलितों से छीन लिया गया सामुदायिक शौचालय, शौच में हो रही परेशानी, प्रशासन से इंसाफ की गुहार

Sheikhpura: एक तरफ सरकार जहां गरीबों को खुले में शौच से मना करती है। वहीं दूसरी तरफ उनसे शौचालय ही छीन लिया जा रहा है। मामला बरबीघा प्रखंड के केंवटी पंचायत के बभनिमा गांव का है। जहां लोहिया स्वच्छ बिहार अभियान के तहत महादलित मोहल्ले में बनने वाले सामुदायिक शौचालय को दूसरी जगह बना दिया गया।

जमीन की उपलब्धता के बाबजूद इस शौचालय को दूसरे टोले में बना दिया गया। जहां महादलित परिवार की महिलाएं शौच के लिए डर से नहीं जा पाती। शौचालय बनाने से पहले कागज पर जमीन उपलब्धता के लिये बैठक आदि भी किया गया। फिर स्वच्छता परिसर के रख-रखाव हेतु भी बैठक किया गया। पर उपस्थिति पंजी में महादलित टोले के किसी भी व्यक्ति का हस्ताक्षर या अंगूठे का निशान नहीं लिया गया। उपस्थिति पंजी में मुखिया का हस्ताक्षर भी इस बात की गवाही दे रहा है। इस बात की जानकारी देते हुए रंजीत पासवान, गेनौरी पासवान, नरेश पासवान जयंती देवी आदि ने बताया कि 24 मार्च को जमीन की उपलब्धता हेतु बैठक किया गया। फिर मात्र 15 दिन बाद ही 8 अप्रैल को स्वच्छता परिसर के रख-रखाव हेतु भी बैठक कर लिया गया। जिसके कई दिन बीतने के बाद जब महादलित टोले में बैठक की पंजी लेकर हस्ताक्षर कराने पहुंचा तो इस बात का भेद खुल गया। इस टोले के निवासिओं ने इसके लिये कई बार प्रशासन से इंसाफ की गुहार लगाई बाबजुद इसके आज तक कोई पहल नहीं हो सका है। महादलितों ने प्रशासन से इंसाफ नहीं मिलने पर आंदोलन करने की बात की है।

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