जन-समस्याशेखपुरा

NH-82 निर्माण के बाद भी जमीन मालिकों को नहीं मिल सका है मुआबजा, रोजाना लगा रहे कार्यालय का चक्कर, आंदोलन की धमकी

Sheikhpura: राष्ट्रीय राजमार्ग-82 का निर्माण कार्य पूरा हो गया है। इस सड़क पर आवागमन भी सुचारू हो गया है। टॉल-प्लाजा से वाहनों से टैक्स की वसूली भी शुरू हो गई है। पर अभी तक ग्रामीणों को उनकी अधिग्रहित जमीन का मुआबजा नहीं मिल सका है। जिसके कारण अपनी जमीन का मुआबजा पाने के लिए बरबीघा प्रखंड के बभनिमा गांव के 12 ग्रामीण रोजाना सरकारी कार्यालय का चक्कर लगा रहे हैं।

क्या है पूरा मामला?
इस बाबत जमीन मालिकों ने बताया कि बिगत 10 मार्च को सड़क बनने से पहले नगर परिषद के तत्कालीन कार्यपालक पदाधिकारी कुमार ऋत्विक, तत्कालीन अंचलाधिकारी अशोक कुमार, बरबीघा थानाध्यक्ष जयशंकर मिश्र एवं केंवटी ओ पी थानाध्यक्ष महेश सिंह की मौजूदगी में केंवटी ओ पी परिसर में ग्रामीणों के साथ समझौता हुआ था। जिसमें 1 महीने के भीतर मुआबजा देने की लिखित गारंटी मिली थी। परन्तु 5 महीने बीत जाने के बाद भी अभी तक जमीन मालिकों को मुआबजे की राशि नहीं मिल पाई है। उन्होंने बताया कि सभी लोगों ने कई बार जिला भू-अर्जन कार्यालय में शिकायत कर चुके हैं। प्रखण्ड विकास पदाधिकारी से भी इस बाबत शिकायत कर चुके हैं। बाबजुद इसके इनकी समस्या का कोई समाधान नहीं निकल सका है। जल्द मुआबजा नहीं मिलने की स्थिति में ग्रामीणों ने आंदोलन करने की धमकी भी दी है।
क्या हुआ था पहले?
बताते चलें कि बभनिमा गांव के किसानों एवं एनएच अथॉरिटी के बीच पूर्व में भी जमीन के अधिग्रहण को लेकर विवाद हुआ था। जिसमें जिला प्रशासन की ओर से प्रतिनियुक्त पदाधिकारी तत्कालीन कार्यपालक पदाधिकारी कुमार ऋत्विक के द्वारा दिनभर की कड़ी मशक्कत के बाद ग्रामीणों को समझा-बुझाकर विवाद का निपटारा किया गया था। इस समझौते के तहत सरस्वती देवी, फेकू पासवान, भोला यादव, कृष्णा यादव, राजबल्लभ यादव, बृजेश यादव, रामनरेश यादव, रामचन्द्र यादव, योगेन्द्र यादव, दामोदर पासवान, श्री पासवान एवं सकलदेव सिंह को एक महीने में मुआबजा देने का लिखित आश्वासन दिया गया था। हालांकि इस बीच अंचलाधिकारी, कार्यपालक पदाधिकारी एवं भू-अर्जन पदाधिकारी के तबादले के कारण भी मुआबजे में देरी होने की संभावना जताई जा रही है।

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