धर्म और आस्थाशेखपुरा

भाई की रक्षा की कामना के लिए बहनों ने एक दिन पहले से ही शुरू की तैयारी, जानें कब है रक्षाबंधन का शुभ मुहूर्त

Sheikhpura: कल रक्षाबंधन का त्योहार है। भाई-बहन के पवित्र प्यार के प्रतीक इस त्योहार के अवसर पर आज बाजारों में काफी भीड़ देखी गई। भाई की रक्षा की कामना के लिए बहनों ने एक दिन पहले से ही तैयारियां शुरू कर दी है। बाजारों में राखी की खरीद के महिलाएं आपा-धापी करती नजर आईं। वही दूसरी तरफ बस एवं अन्य यात्री वाहन भी आज महिलाओं से खचा-खच भरे नजर आए। सभी को जाने की जल्दी पड़ी थी।

492 वर्षों के बाद गजकेसरी व शोभन महायोग में पड़ा रक्षाबंधन, सबसे शुभ मुहूर्त
बताते चलें कि रक्षाबंधन के इस अवसर पर शुभ मुहूर्त में राखी बांधने का बड़ा महत्व है। इस बार उनकी भी कुछ खास तैयारी रहने वाली है, क्योंकि इस बार रक्षाबंधन पर्व 492 वर्षों के बाद गजकेसरी व शोभन महायोग में मनाया जाने वाला है। इस दिन विघ्नहर्ता गणपति महाराज के चरणों में अर्पित करने के बाद भाई को बांधा जाने वाला रक्षासूत्र बहुत कल्याणकारी और सुखदायी साबित होगा। पंचांग के अनुसार कल रविवार को प्रात: 06 बजकर 15 मिनट से प्रात: 10 बजकर 34 मिनट तके तक शोभन योग रहेगा, धनिष्ठा नक्षत्र शाम को करीब 7 बजकर 39 मिनट तक रहेगा। वहीं दोपहर 1 बजकर 42 मिनट दोपहर से शाम 4 बजकर 18 मिनट तक, राखी बांधना सबसे शुभ रहेगा। इस मुहुर्त में बहनें भगवान गणेश को रक्षासूत्र अर्पित करने के बाद हल्दी-चूना मिश्रित तिलक करके भाइयाें की कलाई पर बाधेंगी तो बहुत कल्याणकारी होगा। भाइयों पर आने वाले सभी संकट गणपति हर लेंगे और सुख-सफलता का आशीष प्रदान करेंगे। उन्हाेंने बताया कि गजकेसरी व शोभन विशेष रूप से कल्याणकारी होता है। हल्दी व चूने का तिलक करने से आयु में वृद्धि होती है। राखी का पर्व इस दिन शुभ संयोग में मनाया जाएगा। पंचांग के अनुसार दो विशेष शुभ मुहूर्त का योग इस बार रक्षा बंधन पर बन रहा है। पूर्णिमा की तिथि पर धनिष्ठा नक्षत्र के साथ शोभन योग रहेगा। विशेष बात ये है कि इस दिन श्रावण मास का समापन होगा और 23 अगस्त से भाद्रपद मास का आरंभ होगा। इस बार रक्षा बंधन पर भद्रा का साया नहीं है। पंचांग के अनुसार भद्रा काल 23 अगस्त सोमवार को प्रात: 5:34 बजे से प्रात: 6:12 बजे तक रहेगा।

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