प्रशासनशेखपुरा

थाने में खुला महिला हेल्प डेस्क, जानें इससे क्या मिलेंगी सुविधा और कैसे यह डेस्क महिलाओं की करेगा मदद

Sheikhpura: जिले के प्रत्येक पुलिस थाने में महिला हेल्प डेस्क बनाया जा रहा है। इसके लिए थाना स्तर पर महिला पुलिस कर्मियों की तैनाती भी की की जा रही है। बरबीघा थाना में भी महिला हेल्प डेस्क बनाया गया है। थाने की सबसे तेजतर्रार महिला पुलिस कर्मी रानी कुमारी को इसका प्रभार दिया गया है। साथ ही उनके सहयोग हेतु एक अन्य महिला पुलिस कर्मी की तैनाती भी की गई है।

इस बाबत जानकारी देते हुए थानाध्यक्ष जयशंकर मिश्र ने बताया कि पुलिस अधीक्षक कार्तिकेय शर्मा के निर्देश पर महिला हेल्प डेस्क खोला गया है। महिलाओं को पुलिस थाने से संबंधित कोई भी जानकारी व सुविधा लेनी होगी, तो वे महिला हेल्प डेस्क पर मिलेंगी। जो महिलाएं फरियाद के लिए थाना पहुंचती हैं, उनसे बात करेंगी। साथ ही समस्या के समाधान के लिए पहल करना भी महिला पुलिसकर्मी की जिम्मेदारी होगी। यदि जरूरत पड़ी तो उन्हें थाना प्रभारी के पास ले जाएंगी।

महिला सुरक्षा को लेकर खोला गया महिला हेल्प डेस्क
बताते चलें कि महिला सुरक्षा पर राज्य सरकार का विशेष जोर है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने भी पिछले दिनों पुलिस मुख्यालय में इसको लेकर विशेष दिशा-निर्देश दिया था। पुलिस का यह कदम उसी कड़ी का हिस्सा बताया जा रहा है। राज्य के सभी थानों को जल्द से जल्द महिला हेल्प डेस्क का गठन कर इसकी शुरुआत करने को कहा गया है।
प्रदेश सरकार की ओर से पहले हर जिले में महिला पुलिस थाना खोला गया था, ताकि महिलाओं को किसी प्रकार की परेशानी न हो और वे अपनी शिकायत महिला पुलिस अधिकारी को पूरी बता सकें। उसके उपरांत प्रत्येक पुलिस थानों में ही महिला पुलिस हेल्प डेस्क खोला जा रहा है। ताकि महिलाओं अपने क्षेत्र के पुलिस थाने में सुविधा मिल सके। पुलिस अब महिला हेल्प डेस्क के बारे में ग्रामीण स्तर पर महिलाओं को जागरूक कर रही है।

कैसे यह डेस्क महिलाओं की करेगा मदद
महिला हेल्प डेस्क में आने वाली महिलाओं की शिकायत सुनने से लेकर उनकी काउंसिलिंग करने तक की व्यवस्था होगी। हेल्प डेस्क पर तैनात महिला पुलिसकर्मी न केवल एफआइआर दर्ज कराने में उनकी मदद करेंगी। बल्कि उनकी शिकायत से जुड़ी संस्थाओं और सरकारी सुविधाओं की भी जानकारी देंगी। इस बाबत अपराध अनुसंधान विभाग (सीआइडी) ने सभी जिलों के एसपी को निर्देश जारी कर दिया था। वहीं महिला हेल्प डेस्क के लिए महिला पुलिसकर्मियों को भी विशेष प्रशिक्षण दिया जा रहा है। उन्हें महिलाओं से जुड़े कानून और अधिकारों की पूरी जानकारी दी जा रही है, ताकि थाने में आने वाली महिलाओं की वह बेहतर तरीके से काउंसिलिंग कर सकें। महिलाओं को बताया जाएगा कि उनकी शिकायत के लिए महिला थाना, महिला आयोग और महिला हेल्पलाइन सेंटर जैसे केंद्र भी हैं। उदाहरण के लिए अगर बाल विवाह से जुड़ा मामला होगा तो उनकी बात संबंधित एसडीओ तक पहुंचाने की व्यवस्था की जाएगी। अगर किसी मामले में महिला को सरकारी लाभ या मदद मिलने का सरकारी प्रावधान है, तो उसकी जानकारी भी महिला पुलिसकर्मी हेल्प डेस्क के जरिए देंगी।

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