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मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जिले में पांच बड़ी स्वास्थ्य परियोजनाओं का किया शुभारंभ, जानें क्या मिलेगा फायदा?

Sheikhpura: मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के आज मंगलवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग माध्यम से जिले में पांच बड़ी स्वास्थ्य परियोजनाओं का शुभारंभ किया गया। इसके लिए समाहरणालय के मंथन सभागार में कार्यक्रम का आयोजन किया गया था। जिसमें जिलाधिकारी इनायत खान के साथ सभी वरीय पदाधिकारी भी मौजूद थे।

मुख्यमंत्री ने आज शेखपुरा नगर क्षेत्र के दल्लू चौक स्थित सरकारी पारा मेडिकल कॉलेज, सदर अस्पताल में ऑक्सीजन प्लांट, आरटीपीसीआर जांच की सुविधा, अरियरी प्रखंड के ससबहना गांव में अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के साथ ई-संजीवनी एप्प का शुभारंभ किया। इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने जिले में सभी व्यवस्थाओं को सुचारू करने का निर्देश भी अधिकारियों को दिया। इसकी जानकारी देते हुए सिविल सर्जन डॉ कृष्ण मुरारी प्रसाद सिंह ने बताया कि आज शेखपुरा जिले के लिए ऐतिहासिक दिन है। एक ही दिन जिले के लिए 5 योजनाओं का शुभारम्भ होना जिले के लिए गौरव की बात है। इसके लिए उन्होंने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार एवं जिलाधिकारी इनायत खान को धन्यवाद दिया है। इस कार्यक्रम में बरबीघा से जद यू विधायक सुदर्शन कुमार, डीडीसी सत्येंद्र प्रसाद सहित अन्य अधिकारी भी मौजूद रहे। आइये जानते हैं इन योजनाओं का जिलेवासियों को क्या लाभ मिलेगा।

मुख्यमंत्री को सुनते अधिकारी

सदर अस्पताल में PSA ऑक्सीजन प्लांट
प्रेशर स्विंग एब्जॉर्बशन प्रोसेस की तकनीक पर आधारित यह ऑक्सीजन प्लांट वायुमंडलीय हवा से ऑक्सीजन को अलग करता है। जिसके लिए एयर सेपरेशन की तकनीक का इस्तेमाल किया जाता है। जिसके चार यूनिट हैं, इसका एक यूनिट हवा से ऑक्सीजन को खींचता है और कंप्रेस कर तीव्र दबाव पर ऑक्सीजन को स्टोर करने का कार्य करता है। फिर फिल्टर यूनिट में फिल्टर किया जाता है ताकि अशुद्धियां या अन्य गैस नाइट्रोजन इसमें से निकल जाए इसके बाद फिल्टर हुई हवा को ठंडा किया जाता है। इसके बाद इस हवा को डिस्टील किया जाता है, ताकि ऑक्सीजन को बाकी गैसों से अलग किया जा सके। इस प्रक्रिया में ऑक्सीजन लिक्विड बन जाती है और इस स्थिति में ही इसे चौथे यूनिट में इकट्ठा किया जाता है। 400 लीटर प्रति मिनट के दबाव से यह ऑक्सीजन उपलब्ध कराता है। गैस पाइपलाइन के माध्यम से अस्पताल के 100 बेडों के मरीज को ऑक्सीजन उपलब्धता निर्वाध सुनिश्चित करने के लिए यह पर्याप्त है। बिजली नहीं रहने की परिस्थिति में भी यह 1 घंटे तक स्वतः कार्य करेगा। पीएम केयर्स फंड अंतर्गत एनएचआई के द्वारा सदर अस्पताल शेखपुरा में अधिष्ठापित किया गया है।

शेखपुरा नगर परिषद के दल्लू चौक पर पारा मेडिकल इंस्टिट्यूट
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की महत्वाकांक्षी योजना सात निश्चय पार्ट 2 की पहली प्राथमिकता युवा शक्ति, बिहार की प्रगति है। जिसके अंतर्गत बिहार के युवाओं को उच्च तकनीक शिक्षा से जोड़ने की उद्देश्य के पूर्ति हेतु बिहार के सभी जिलों में पारा मेडिकल इंस्टिट्यूट की स्थापना की जा रही है। इसी के अंतर्गत शेखपुरा के दल्लू चौक पर पारा मेडिकल इंस्टिट्यूट का भवन निर्माण का कार्य पूर्ण किया गया है एवं मुख्यमंत्री के द्वारा इसका लोकार्पण किया गया है। इस शिक्षण संस्थान में 12वीं पास छात्र-छात्राओं के लिए एएनएम, ओटी टेक्नीशियन, लैब टेक्नीशियन, आपथैलोमलोजी, ड्रेसर, एक्सरे टेक्निशियन आदि की पढ़ाई अगले सत्र से प्रारंभ की जाएगी। इस परिसर में शिक्षण संस्थान के साथ-साथ छात्र एवं छात्राओं के लिए छात्रावास की भी उत्तम व्यवस्था है। भविष्य में यह संस्था जहां एक ओर तकनीकी शिक्षा के माध्यम से युवाओं को सशक्त एवं रोजगार के सुलभ अवसर दिलाएगा। वहीं बिहार राज्य में स्वास्थ्य क्षेत्र में टेक्नीशियनों की कमियों को दूर करने अहम योगदान देगा।

सदर अस्पताल शेखपुरा में RTPCR लैब की स्थापना
आरटीपीसीआर लैब की स्थापना होने के बाद जिले में कोविड-19 का अहम आरटीपीसीआर जांच शेखपुरा सदर अस्पताल में शुरू होने जा रहा है। जिसकी क्षमता एक बार में 96 सैंपल और पुलिंग के आधार पर एक दिन में करीब 1000 सैंपल जांचने की है। यह लैब बायोसेफ्टी लेवल 2 की है, यानी यहां सुरक्षित ढंग से नमूनों की सटीक जांच हो सकती है। अब लोगों को 3 से 4 दिन के बजाय मात्र 24 घंटे में जांच रिपोर्ट मिलेगी। कोरोना वायरस के तीसरी लहर को देखते हुए यह तैयारी अहम है। क्योंकि संक्रमण को रोकने का अहम और कारगर उपाय ट्रैक और टेस्ट है। तीसरा और अहम टीकाकरण है जो जिले में जोर-शोर से चल रहा है और शहरी क्षेत्र में लगभग शत प्रतिशत कर दिया गया है। इस लैब से चालू हो जाने के बाद अब किसी भी प्रकार का सैंपल पटना नहीं भेजा जाएगा। बता दें कि वर्तमान में एंटीजेन एवं ट्रू नेट टेस्ट ही जिले में हो रहा है।
अरियरी प्रखंड के ससबहना में अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र
जिले का सुदूरवर्ती क्षेत्र ससबहना जहां APHC का भवन जर्जर होने के कारण इस क्षेत्र के लोगों को OPD की सुविधा के साथ ही प्रसव एवं अन्य मातृ-शिशु स्वास्थ्य संबंधित सुविधा के लिए अरियरी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र अथवा सदर अस्पताल शेखपुरा आना पड़ता था। इस नए अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के भवन बन जाने के बाद अब इस APHC में 6 बेड के मरीजों को रखने की व्यवस्था के साथ-साथ सामान्य प्रसव की सुविधा ओपीडी में रोगियों को देखने की सुविधा, दवाई की सुविधा एवं जांच की सुविधा मिलने लगेगी। इस क्षेत्र के 15000 की आबादी को स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाने में स्वास्थ्य विभाग को भी आसानी होगी।
ई-संजीवनी ओपीडी का शुभारंभ
ई-संजीवनी ओपीडी भारत सरकार का प्रमुख टेलीमेडिसिन प्लेटफार्म है। यह प्लेटफार्म किसी भी भारतीय नागरिक को मुफ्त परामर्श प्रदान करता है। ई-संजीवनी ओपीडी के तहत अगर मरीज के पास कोई जांच रिपोर्ट है, तो उसका फोटो खींचकर अपलोड भी कर सकते हैं। चिकित्सक उस रिपोर्ट को देखते हैं और उसके बाद बीमारी के इलाज की दवा लिखते हैं।

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