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अब घर बैठे ले सकते हैं चिकित्सीय परामर्श, सरकार ने शुरू की ऑनलाइन ओपीडी की व्यवस्था, जानें पूरी बात

ई-संजीवनी ओपीडी भारत सरकार का प्रमुख टेलीमेडिसिन प्लेटफार्म है। यह प्लेटफार्म किसी भी भारतीय नागरिक को मुफ्त परामर्श प्रदान करता है। ई-संजीवनी ओपीडी के तहत अगर मरीज के पास कोई जांच रिपोर्ट है, तो उसका फोटो खींचकर अपलोड भी कर सकते हैं। चिकित्सक उस रिपोर्ट को देखते हैं और उसके बाद बीमारी के इलाज की दवा लिखते हैं।

Sheikhpura: कोरोना के इस दौर में भारत सरकार की महत्वाकांक्षी योजना ई-संजीवनी ओपीडी के माध्यम से अब लोग घर बैठे चिकित्सीय सलाह ले सकते हैं। इसके लिए पूरे बिहार में प्रत्येक जिले से चयनित चिकित्सकों का पैनल बना है। ई-संजीवनी ओपीडी के माध्यम से सप्ताह में तीन दिन मंगलवार, बुधवार व शुक्रवार को सुबह के नौ बजे से दोपहर के दो बजे तक लोगों को यह सेवा मिल रही है।

इस बात की जानकारी देते हुए केअर इंडिया के बरबीघा ब्लॉक मैनेजर अमन कुमार ने बताया कि इसके लिए बरबीघा रेफरल अस्पताल की डॉ रितु का चयन किया गया है।
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इस व्यवस्था के तहत इच्छुक व्यक्ति गूगल प्ले स्टोर से ई-संजीवनी ओपीडी नेशनल टेलीकंसल्टेशन सर्विस एप्लीकेशन डाउनलोड कर अपने को पंजीकृत करने के उपरांत चिकित्सक से चिकित्सीय सलाह प्राप्त कर सकते हैं। इस सेवा का अबतक कई लोग लाभ ले चुके हैं। ई-संजीवनी ओपीडी में वीडियो कॉल के जरिए चिकित्सक सीधे मरीजों से जुड़ते हैं और उनसे बीमारी के बारे में बात करते हैं। उसके बाद उन्हें क्या-क्या दवाइयां लेनी है, इसके बारे में लिखते हैं। सबसे बड़ी बात ये है कि ये सारी सुविधा मरीजों को एकदम फ्री में मिलती है।

क्या है ई-संजीवनी ओपीडी
ई-संजीवनी ओपीडी भारत सरकार का प्रमुख टेलीमेडिसिन प्लेटफार्म है। यह प्लेटफार्म किसी भी भारतीय नागरिक को मुफ्त परामर्श प्रदान करता है। ई-संजीवनी ओपीडी के तहत अगर मरीज के पास कोई जांच रिपोर्ट है, तो उसका फोटो खींचकर अपलोड भी कर सकते हैं। चिकित्सक उस रिपोर्ट को देखते हैं और उसके बाद बीमारी के इलाज की दवा लिखते हैं। डॉक्टर की लिखी दवाइयों का प्रिसक्रिप्शन मरीज के एप्प में पहुंच जाता है। मरीज उसे मोबाइल में सेव कर सकते हैं अथवा उसका प्रिंट आउट भी निकलवा सकते हैं। चिकित्सीय परामर्श के उपरांत इच्छुक व्यक्ति अपने प्रिसक्रिप्शन को लेकर निकटतम सरकारी अस्पताल में जाकर उपलब्ध नि:शुल्क दवाई भी प्राप्त कर सकते हैं। सही मायने में देखा जाय तो सरकार की यह सेवा कोरोना काल में मरीजों के लिए संजीवनी साबित हो रही है।

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