अपराधशेखपुरा

सड़कों पर अबैध अतिक्रमण बरबीघा शहर की सबसे गम्भीर समस्या, लगातार पुलिसिया कार्रवाई के बाबजूद नहीं मान रहे दुकानदार

Sheikhpura: सड़कों पर अबैध अतिक्रमण बरबीघा शहर की सबसे गम्भीर समस्या है। बरबीघा के विकास में सबसे बड़ी बाधा बन रही इस समस्या से शहरवासियों को निजात दिलाने के लिये पुलिस कप्तान कार्तिकेय शर्मा लगातार प्रयासरत्त हैं। उनके निर्देश पर स्थानीय थाना पुलिस के द्वारा हरेक सप्ताह अभियान चलाया जा रहा है।

इसी क्रम में आज गुरुवार की सुबह बरबीघा थाना के एसआई रंजीत कुमार एवं अमलेश कुमार के नेतृत्व में महिला एवं पुरुष बल के जवानों के द्वारा विशेष अभियान के तहत थाना चौक, मछलहट्टा, पुरानी शहर, महुआ तल, झंडा चौक एवं गोला रोड में सड़क पर अबैध रूप से अतिक्रमण को हटाया गया। ठेला भेंडरों को फुटपाथ पर दुकान लगाने का निर्देश दिया गया, वहीं स्थाई दुकानदारों को भी दुकान के अंदर ही सामग्री रखने का निर्देश दिया गया। इस दौरान पुलिस अधिकारी लोगों को दुबारा ऐसा न करने की नसीहत भी देते रहे।
कार्रवाई के बाबजूद मनमानी करते रहे दुकानदार
वहीं दूसरी तरफ पुलिस अधिकारियों के अपील के बाबजूद कुछ दुकानदार अपनी मनमानी करते भी पाए गए। बताते चलें कि पूर्व में भी कई बार अभियान चलाने के बाबजूद ये दुकानदार रोजी-रोटी का हवाला देकर फिर से सड़क पर जम जाते हैं। पुलिस एवं प्रशासन के निर्देशों का इनपर कोई असर नहीं होता। फुटपाथी दुकानदारों की बात छोड़ दी जाए तो कुछ स्थाई दुकानदार भी सड़क पर सामान रखकर अतिक्रमण कर लेते हैं। नालियों के ऊपर दुकान का सामान बिछा देते हैं। दुकान के प्लास्टिक जैसे कचरे से नाली को पूरा भर देते हैं। जिसके कारण सड़क पर पानी जमने लगता है।

नालियों का भी हो रहा अतिक्रमण

दरअसल ये दुकानदार सफाई कर्मियों के आने से पहले ही अपनी दुकान सजा लेते हैं, जिसके कारण नालियों की सफाई भी नहीं हो पाती। नालियां अबरुद्ध होने से सड़क पर पानी फैल जाता है। जिसके कारण राहगीरों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है। वहीं बरसात के समय भी ये सड़कें लबालब भर जाती हैं।

दुकानदार को समझाते एसआई अमलेश कुमार

बदनामी के डर से पुलिस नहीं कर पाती सख्त कार्रवाई
सख्त कार्रवाई के अभाव में इन दुकानदारों का हौसला और भी बुलंद हो जाता है। पुलिस अधिकारी अभियान जरूर चलाते हैं। पर हाथ बंधे होने के कारण इनपर कोई सख्ती नहीं कर पाते। इस डिजिटल युग में हर कोई मोबाइल से लैश होता है। सख्ती कर रहे पुलिस वालों का वीडियो बनाकर पुलिस-प्रशासन को अत्याचारी और आतताई बनाकर पेश किया जाता है। हाल ही में यहां इस तरह का एक वाक्या देखने को भी मिला है। इस बदनामी के डर से पुलिस वाले भी सख्त कार्रवाई करने से हिचकते हैं और शहर की ये समस्या जस की तस रह जाती है।

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