धर्म और आस्थाशेखपुरा

शुरू हो गया भगवान शिव का सबसे प्रिय महीना, जानिये कब-कब है सोमवारी, पूजन सामग्री और सावन का महत्व

Sheikhpura: हिंदुओं के सबसे पावन महीना सावन का आज 25 जुलाई से शुरुआत हो गया है। जिले के सभी शिव मंदिरों में आज सुबह से ही श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़नी शुरू हो गई है। बरबीघा-मेहुस रोड अवस्थित जिले के सबसे प्रसिद्ध बाबा पँचबदन स्थान मंदिर में भी भक्तों की भीड़ लगने लगी है। इसी क्रम में पूर्व मुखिया पवन किशोर के साथ अन्य भक्तों ने भी मंदिर में पूजा-अर्चना की। बताते चलें कि इस बार सावन में 4 सोमवार आनेवाला है। सावन का पहला सोमवार 26 जुलाई को है। सावन के महीने में भगवान शिव की विशेष पूजा-अर्चना की जाती है। भोले भक्त इस पूरे महीने शिव को प्रसन्न करने का प्रयत्न करते हैं। सावन माह में भक्तगण भगवान शिव की विधि-विधान से पूजा अर्चना करके अपनी हर मनोकामना पूर्ण करते हैं। सोमवार के दिन घर पर या मंदिर में जाकर शिवलिंग का जलाभिषेक करना शुभ माना जाता है। इससे भगवान शिव प्रसन्न होकर अपना आर्शीवाद प्रदान करते हैं।

जानिए कब है सोमवारी
सावन का पहला सोमवार – 26 जुलाई 2021
सावन का दूसरा सोमवार- 02 अगस्त 2021
सावन का तीसरा सोमवार- 09 अगस्त 2021
सावन का चौथा सोमवार- 16 अगस्त 2021
सावन पूजा सामग्री की पूरी लिस्ट
जल, गंगा जल, गाय का दूध, दही, शहद, शक्कर, घी, सफेद चंदन, फूल और माला, कम से कम 5 या 51 बेलपत्र, शमी के पत्ते, अपामार्ग के पत्ते, दूर्वा, धतुरा, भांग, सुपारी, इलायची, लौंग, पान का पत्ता, धूप, दीपक, कपूर, रूई की बत्ती, कपड़ा, यज्ञोपवीत, नैवेद्य, मिठाई
सावन का महत्व
हिन्दू धर्म की पौराणिक मान्यता के अनुसार सावन महीने को देवों के देव महादेव भगवान शंकर का महीना माना जाता है। इस संबंध में पौराणिक कथा है कि जब सनत कुमारों ने महादेव से उन्हें सावन महीना प्रिय होने का कारण पूछा तो महादेव भगवान शिव ने बताया कि जब देवी सती ने अपने पिता दक्ष के घर में योगशक्ति से शरीर त्याग किया था, उससे पहले देवी सती ने महादेव को हर जन्म में पति के रूप में पाने का प्रण किया था। अपने दूसरे जन्म में देवी सती ने पार्वती के नाम से हिमाचल और रानी मैना के घर में पुत्री के रूप में जन्म लिया। पार्वती ने युवावस्था के सावन महीने में निराहार रह कर कठोर व्रत किया और उन्हें प्रसन्न कर विवाह किया, जिसके बाद ही महादेव के लिए यह विशेष हो गया।

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