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पैक्स की मनमानी की शिकायत लेकर मुख्यमंत्री के जनता दरबार में पहुँच गए किसान, जानें क्या है माजरा?

Sheikhpura: सरकार के लाख प्रयत्नों के बाबजूद भी राज्य के किसानों की आर्थिक स्थिति लगातार बिगड़ रही है। किसानों के लिये की गई सरकारी घोषणाएं धरातल पर आते-आते दम तोड़ देती है। रही-सही कसर पैक्स वाले अपनी मनमानी कर पूरी देते हैं। इसके पहले भी कई मर्तबा खबरें प्रकाशित हुई हैं, पर उनका कोई हल नहीं निकल सका।

सड़ गया किसान के घर में रखा गेंहू
ताजा मामला बरबीघा प्रखण्ड के जगदीशपुर गांव का है। पैक्स की मनमानी के कारण यहां के एक किसान का गेंहू खलिहान एवं घर में रखा-रखा सड़ गया। मजबूरन किसान ने सड़े गेहूं को मछलियों का चारा बना दिया। वहीं कई अन्य किसानों के घर में भी गेंहू का ढेर लगा है, जो बरसात के कारण सड़ना शुरू हो गया है।

किसान नीतीश कुमार के घर में सड़ा हुआ गेहूं

नीतीश कुमार, लल्लू प्रसाद, इंद्रदेव प्रसाद, मुन्ना कुमार, अजय प्रसाद, पुष्पेंद्र प्रसाद, शम्भू प्रसाद, भाषो प्रसाद आदि किसानों ने बताया कि कर्ज लेकर, खेत बटाई पर लेकर हमलोग खेती करते हैं। हमें न सरकारी दर पर बीज मिलता है, न खाद मिलता है, न ही पैक्स वाले हमारा अनाज खरीदते हैं। सरकार के सख्त निर्देश के बाबजूद पैक्स वालों की मनमानी के कारण हमारा अनाज सड़ जाता है। गांव या पंचायत में उचित रख-रखाव का भी कोई साधन नहीं होने से इन किसानों को काफी परेशानी होती है।

किसान पुष्पेंद्र प्रसाद के घर मे रखा गेंहू

तौल में ज्यादा पर दाम कम देता है पैक्स
किसानों ने बताया कि पैक्स ने गांव के किसी किसान से गेंहू की खरीद नहीं की। एक किसान के द्वारा सहकारिता विभाग के उच्च अधिकारी से इस बात की शिकायत के बाद उनका लगभग 190 बोरा गेंहू खरीदा गया। पर भुगतान मात्र 175 बोरा का ही किया गया। किसानों ने बताया कि पैक्स वाले अनाज का वजन भी ज्यादा तौलते हैं और उचित कीमत भी नहीं देते हैं। ये हाल गेंहू का ही नहीं, धान की खरीद मे भी मनमानी हुई है। किसानों का धान खरीदा तो गया पर किसानों के नाम से नहीं। ऊपर से अभी तक उन्हें धान की पूरी कीमत भी नहीं मिल सकी है।

किसान के घर मे बोरे में बन्द गेहूं

मुख्यंमत्री ने दिए जांच के निर्देश
पिछले दिनों मजबूर होकर इस गांव के एक किसान नीतीश कुमार ने मुख्यमंत्री के जनता दरबार में जाकर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को अपनी समस्या से अवगत कराया। मुख्यमंत्री ने भी किसान की समस्या को गम्भीरता से लेते हुए तुरन्त जांच का निर्देश दिया है। देखना है मुख्यमंत्री के इस निर्देश के बाद किसानों की स्थिति में कितना सुधार हो पाता है।

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