दुर्घटनाधर्म और आस्था

भोलेनाथ ने गांव में अनहोनी होने से रोका, मंदिर पर हुआ बज्रपात

Sheikhpura: कहते हैं समुद्र मंथन के समय भगवान भोलेनाथ ने सृष्टि को बचाने हेतु सारा विष खुद पी गए थे। इस बार भी ऐसा ही हुआ है, गांववालों को बचाने के लिये बज्रपात को अपने ऊपर गिराकर उन्होंने गांव के लोगों की जिंदगी बचा ली। अभी-अभी हो रही भारी बारिश के बीच घाटकुसुम्भा गांव के पश्चिम टोला में ठनका गिरने की सूचना प्राप्त हुई है। बिजली का यह ठनका इस टोले में स्थित शिव मंदिर के गुम्बज पर गिरा है। जिससे मंदिर की दीवार में छेद हो गया है। इस घटना में गांव के निवासियों को कोई नुकसान नहीं हुआ है।

इस बाबत ग्रामीणों ने बताया कि मंदिर के पास ही कई मकान हैं, अगर किसी मकान पर यह ठनका गिरता तो अनहोनी की संभावना से भी इंकार नहीं किया जा सकता था। इस घटना के बाद गांववालों ने भगवान को धन्यवाद दिया है। साथ ही ग्रामीणों ने कहा कि इस घटना के बाद भगवान शिव के प्रति उनकी आस्था बढ़ गई।

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