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रैयती जमीन में शव दफनाने को लेकर दो पक्षों में हुआ विवाद, प्रशासन के हस्तक्षेप से सुलझा विवाद

Sheikhpura: बरबीघा नगर परिषद क्षेत्र के गौरक्षणी स्थित दरगाह के बगल में रैयती जमीन में शव दफनाने को लेकर दो समुदायों में विवाद हो गया। जिसकी सूचना मिलने के बाद एडीपीओ सुरेंद्र कुमार के नेतृत्व में अंचलाधिकारी अशोक कुमार ने स्थानीय मिशन ओ पी अध्यक्ष मनोज कुमार झा व सशस्त्र जवानों के साथ मौके पर पहुँचकर दोनों पक्षों के बीच सुलह कराया। फिर दोनों पक्षों की सहमति के बाद उचित स्थान पर गड्ढा खोदकर शव को दफनाने की प्रक्रिया शुरू की गई।

कैसे शुरू हुआ विवाद?
दरअसल मुस्लिम समुदाय के कुछ लोग दरगाह के पास एक शव को दफनाने पहुंचे। खसरा नं 1133 की जमीन पर शव को दफनाया जा रहा था, उस जमीन को लेकर नगर परिषद क्षेत्र के शेरपर गांव के सुनील सिंह, धर्मराज सिंह आदि लोगों ने रैयती जमीन होने की बात कहकर शव को दफनाने से मना कर दिया। जिसके बाद दोनों पक्षों में विवाद शुरू हो गया। घटना की जानकारी मिलने पर एडीपीओ के नेतृत्व में अंचलाधिकारी दल-बल के साथ वहां पहुंचे।

मौके पर मौजूद प्रशासनिक पदाधिकारी

जिसके बाद दोनों पक्षों की बातों को सुनकर अधिकारिओं के द्वारा मसले का उचित समाधान निकाला गया। हालांकि इस दौरान दोनों पक्षों की ओर से हल्की नोंक-झोंक भी हुई। पर प्रशासन ने प्यार मोहब्बत से उसपे काबू पा लिया। फिर दोनों पक्षों की रजामंदी के बाद उचित स्थान पर गड्ढा खोदकर शव को दफनाने की प्रक्रिया शुरू की गई।
क्या है पूरा मामला?
सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक यह वर्षों पुराना विवाद है। इस जमीन को लेकर पूर्व में भी विवाद हो चुका है। मुस्लिम पक्ष के लोग भी इस जमीन पर अपना दावा पेश कर रहे हैं। पूर्व में भी यह मामला तत्कालीन अनुमंडलाधिकारी के पास गया था, जिसमें उन्होंने शव को दफनाने की अनुमति प्रदान की थी। मिली जानकारी के मुताबिक इस फैसले के खिलाफ दूसरे पक्ष के लोग हाई कोर्ट की शरण में गए थे।

दोनों पक्षों को समझाते अंचलाधिकारी

जहाँ इस मामले को खारिज कर निचली अदालत को सौंप दिया गया था। फिर से इस जमीन को लेकर टाइटल दाखिल किया गया है, जो अभी कोर्ट में लम्बित है। वहीं इस जमीन के रैयती होने की अंचलाधिकारी ने भी पुष्टि की है। हालांकि इस मामले पर वे कैमरे के सामने कुछ भी बोलने से इंकार करते हुए कहा कि मामला चूंकि कोर्ट में है, इसलिये इसपर कोई टिप्पणी करना उचित नहीं होगा।

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