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इकलौते पुत्र के असामयिक निधन के बाद भी मां-बाप ने बेटी पर जताया भरोसा तो बेटी ने दरोगा बन किया नाम रौशन

नीतीश कुमार की सरकार ने भले ही 15 सालों में बिहार के लिये कुछ किया न किया हो, पर बिहार की बेटियों को पंख जरूर लगा दिया है। बेटियां अब उड़ान भरने लगी हैं, अपने पंखों को पसारकर पूरे गगन की उन्मुक्त सैर करना सीख गई हैं।

Sheikhpura: आज भी हमारे समाज में ऐसी अवधारणा है कि परिवार के लिए एक बेटा ही सब कुछ कर सकता है। लेकिन एक बेटी ने आज अपने माता-पिता के सपनों को साकार कर ये दिखा दिया है कि बेटियाँ वो कर सकती हैं, जो बेटे कभी नहीं कर सकते। जी हाँ, जिले के घाटकुसुंभा प्रखंड के गगौर गांव निवासी योगेंद्र प्रसाद सिंह तथा कविता कुमारी की एकलौती पुत्री प्रियंका सुमन आज बेटियों के लिए मिसाल बन गई है। पहले ही प्रयास में दरोगा बन कर बेटा और बेटी के बीच फर्क के सामाजिक मिथक को तोड़ दिया है। इनके पिता निजी विद्यालय में संगीत शिक्षक हैं, वहीं माता सरकारी शिक्षिका हैं। बच्चों को उचित शिक्षा की उम्मीद लेकर गांव से बरबीघा का रुख किया।

जिंदगी ठीक-ठाक चल रही थी कि अचानक साल 2011 में प्रियंका के एकलौते भाई प्रभात सुमन की सड़क दुर्घटना में मौत हो गई। नाबालिग बेटे को इस तरह खोने के बाद पूरा परिवार टूट गया। पर इसके माता-पिता ने अपने हौसले को प्रियंका के भविष्य की खातिर एक बार फिर से खड़ा किया। दोनों लग गए बेटी के भविष्य के निर्माण में और प्रियंका ने भी उनकी उम्मीदों को बिखरने नहीं दिया। बरबीघा में प्रारंभिक शिक्षा पूरी होने के बाद बेटी को पढ़ने के लिए पटना भेजा। करीब दो वर्षो तक कठिन मेहनत करने के बाद अंततः उसने पहली ही बार में बिहार पुलिस में दरोगा बनकर माता-पिता का सर गर्व से ऊंचा कर दिया। उसने यह दिखा दिया कि एक बेटी भी अपने मां-बाप के सपनों को पूरा कर सकती है। बेटी की इस सफलता पर परिवार व चाहने वालों की तरफ से बधाइयों का तांता लगा है।

बेटी को मिली सफलता पर खुशी से इतराते योगेन्द्र सिंह

प्रियंका के पिता ने इस मौके पर कहा कि नीतीश कुमार की सरकार ने भले ही 15 सालों में बिहार के लिये कुछ किया न किया हो, पर बिहार की बेटियों को पंख जरूर लगा दिया है। बेटियां अब उड़ान भरने लगी हैं, अपने पंखों को पसारकर पूरे गगन की उन्मुक्त सैर करना सीख गई हैं। हर क्षेत्र में बेटियाँ अब्बल मुकाम हासिल कर रही हैं। इन बेटियों की सफलताओं का थोड़ा श्रेय केंद्र और राज्य की सरकार को भी मिलना चाहिये।

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