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न खाता न बही, शिक्षा विभाग के स्थापना डीपीओ जो कहे वही सही, शिक्षकों को नहीं मिला वेतन और प्रोन्नति पाए शिक्षकों को दे दी गयी मोटी राशि

शेखपुरा में शिक्षा विभाग के स्थापना डीपीओ और स्थापना लिपिक की मिलीभगत से सरकार के निर्देश को दरकिनार करते हुए कुछ प्रोन्नति पाए शिक्षकों को लाखों रुपया भुगतान कर दिए जाने का मामला सामने आया है।गौरतलब है कि राज्य सरकार ने सभी शिक्षकों को वेतन भुगतान करने के लिए राशि का आवंटन भेजा। शेखपुरा जिले में चार महीने से वेतन लंबित है। शिक्षा विभाग के निदेशक ने कहा है कि इस कोरोना काल में शिक्षकों को वेतन में कोई परेशानी नहीं हो, इसके लिए एक मुश्त राशि भेज दिया गया है। लेकिन डीपीओ और लिपिक ने प्रोन्नति पाए शिक्षकों से डील कर एक साथ एक-एक शिक्षक को 15 से 20 लाख रुपये का भुगतान कर दिया। पूरे डील की कहानी डीईओ को मिली। डीईओ ने डीपीओ को पत्र भेज कर जबाब मांगा है और लिपिक के विरुद्ध कार्रवाई करने का निर्देश दिया है।सूत्रों ने कहा कि स्थापना लिपिक की मनमानी जग जाहिर है और स्थापना मद में राशि का दुरुपयोग सहित कई गम्भीर आरोप पिछले दिनों लगते रहे हैं। अब देखना होगा कि डीपीओ की मनमानी और इस पूरे खेल का मास्टरमाइंड लिपिक पर क्या कारवाई होती है या फिर जांच के बाद कारवाई फाइलों तक ही सिमट कर रह जाती है।

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