जरा हट केशेखपुरा

इंसानियत आज भी जिंदा है, महिला का रुपयों से भरे हुए खोए पर्स को युवक ने किया सही-सलामत वापस

बड़े बुजुर्ग कहते हैं कि इंसानियत और ईमानदारी आज भी जिंदा है। पर इस अर्थ युग में इन बातों पर लोगों को विश्वास नहीं होता। एक तरफ जहां पैसे के लिए भाई भाई का दुश्मन बना हुआ है, वहीं कुछ लोग आज भी इस लालच से परे हैं। आज के इस जमाने में जहां हजार-दो हजार रुपये के लिए मरने और मारने तक की नौबत आ जाती है, वहीं शेखपुरा जिले के बरबीघा नगर क्षेत्र के नारायणपुर गांव के एक युवक मंटू कुमार ने एक मिसाल पेश की है। दरअसल आज शाम में मंटू कुमार अपने घर के आगे बैठा था, तभी बाइक से जा रही प्रखण्ड क्षेत्र के खलीलचक गांव की महिला निभा रंजन का रुपयों से भरा पर्स सड़क पर गिर गया। मंटू कुमार ने महिला को बहुत आवाज लगाई, उसका पीछा भी किया परंतु महिला का कहीं पता नहीं चला। इसके बाद उसने पर्स खोलकर जब देखा तो उसमें लगभग 20 हजार नगद, दो एटीएम व कुछ अन्य सामान भी था। उसने तुरंत अपनी ईमानदारी का परिचय देते हुए पर्स को सही-सलामत बरबीघा थाने में लाकर थानाध्यक्ष जयशंकर मिश्र को सौंप दिया। उधर महिला को जब अपने पास खोने का आभास हुआ तो उसने लौटकर पर्स को काफी ढूंढा नहीं मिलने पर निराश होकर लौटते वक्त मंटू कुमार के भाई ने पर्स मिलने की बात से महिला को अवगत करा उसे बरबीघा थाना भेज दिया। थाने पहुंचने के बाद महिला ने थानाध्यक्ष जयशंकर मिश्र से इस बात का जिक्र किया। तब उन्होंने महिला को पर्स दिखाकर उसमें रखे सामानों के बारे में जानकारी ली और महिला को पर्स दिया। महिला ने अपना पर्स चेक कर सारा सामान सही सलामत पाया। महिला ने बताया कि वह कपड़ों की सिलाई का काम करती है। आज आदर्श विद्या भारती स्कूल से होली की छुट्टी होने पर अपने बच्चे को लाने गई थी। वापसी के क्रम में पर्स गिर गया जिसमें उसकी कई महीनों की कमाई थी। पर्स मिलने के बाद खुश होकर महिला ने मंटू कुमार व थानाध्यक्ष को धन्यवाद देते हुए अपने घर चली गई।

Back to top button
error: Content is protected !!