जन-समस्याशेखपुरा

सहारा इंडिया में बहुतों का फंसा है लाखों रुपया, किसी की बेटी की शादी तो किसी के बेटे का बड़े कॉलेज में एडमिशन

शेखपुरा जिले के न जाने कितने लोगों का लाखों रुपया सहारा इंडिया बैंक में फंसा है। इन लोगों में से बहुतों की बेटी की शादी अगले महीने-2 महीने में होने वाली है, किसी को अपने मां-बाप का इलाज करवाना है, किसी को बेटे की एड्मिशन के लिए पैसों की जरूरत है, किसी को कोरोना काल के बाद ठप्प पड़ चुके बिजनेस में पूंजी लगाना है। इनलोगों के पास अपना रुपया होने के बावजूद महाजन से कर्ज लेने की आवश्यकता आन पड़ी है। हालांकि वे अपना रुपया मिलने की आस में रोजाना बैंक का चक्कर लगा रहे हैं। लेकिन बैंक कर्मियों के कान पर जूं तक नहीं रेंगती है। सरकार से बैंक के विवाद की मजबूरी का बहाना बनाकर कर्मी अपना पल्ला झाड़ रहे हैं। जिनकी पहुंच ऊपर तक है, उन्हें थोड़ा-थोड़ा करके रुपया वापस मिल रहा है। पर जिनकी पहुंच नहीं है, उन्हें अपने रुपए को पाने के लिए गिड़गिड़ाना पड़ रहा है। महाजन से कर्ज लेकर बेटी की शादी, इलाज, एडमिशन करना पड़ रहा है। ऐसा ही एक मामला सहारा इंडिया बरबीघा बैंक में देखने को मिला है। बरबीघा नगर परिषद क्षेत्र के एक ग्राहक ने बैंक में फंसे अपने 9 लाख रुपये की वापसी के लिए जब मैनेजर से मिलने गया तो उसने 2 साल इंतजार करने को कहा। बैंक में आस-पास के इलाकों के ऐसे कई और ग्राहक मौजूद थे, जिनमें से एक की अगले महीने बेटी की शादी थी, दूसरे के बेटे का बड़े कॉलेज में एडमिशन कराना था। सभी अपने पैसे पाने के लिए बैंक जाकर अपना चप्पल घिस चुके थे। जब इस बाबत हमने शाखा मैनेजर से बात की तो बातचीत के क्रम में उन्होंने कहा कहा कि ग्राहक मरता है तो मरे हम कुछ नहीं कर सकते। हालांकि कैमरा ऑन होते ही वे अपनी बात से पलट गए और उच्च अधिकारी से बात कर इन लोगों के पैसा वापसी की कोशिश करने की बात कही। पर उन्हें अपना कब रुपया मिलेगा, इस बात की कोई गारंटी नहीं दे पाए। बैंक का सरकार से चाहे जैसा भी विवाद हो पर इस विवाद में जिले के हजारों लोगों की जमा पूंजी बैंक में फंसने के कारण इनलोगों के पास कर्ज लेकर अपना काम चलाने के सिवा कोई अन्य रास्ता नहीं बचा है।

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