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विधानसभा में उठा मृत डॉक्टर को सिविल सर्जन बनाने का मुद्दा, भूल सुधारकर डॉ कृष्ण मुरारी प्रसाद सिंह को बनाया प्रभारी सिविल सर्जन

बिहार सरकार के स्वास्थ्य विभाग ने कल स्वास्थ्य महकमे में भारी फेर-बदल किया। इस फेर-बदल में स्वास्थ्य विभाग से भारी चूक हो गई। जिसके कारण बिहार सरकार की भारी किरकिरी हो रही है। विधान सभा मे भी इस मुद्दे को लेकर सरकार से सवाल पूछा जा गया है। दरअसल स्वास्थ्य विभाग ने पिछले महीने मृत हुए डॉ राम नारायण राम को शेखपुरा का नया सिविल सर्जन बना दिया है। जिसकी अधिसूचना भी जारी की गई है। सोशल मीडिया और इस अधिसूचना की प्रतियां भी बायरल हो रही हैं। मृतक डॉक्टर बिक्रमगंज प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी थे। बीते सात फरवरी को उनका निधन हो गया। निधन की सूचना से स्तब्ध यहां के चिकित्सक और स्वास्थ्य कर्मियों ने 8 फरवरी को शोक सभा कर उन्‍हें श्रद्धांजलि दी। डॉ. राम यहां करीब छह वर्ष से कार्यरत थे। इससे पूर्व में वे बक्सर जिला में अपर मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी और प्रभारी सिविल सर्जन की जिम्‍मेदारी निभा चुके थे। वे मूल रूप से भोजपुर जिले के रहने वाले थे। आठ मार्च को स्वास्थ्य विभाग की ओर से जारी अधिसूचना में डॉ. आर एन राम प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी बिक्रमगंज को शेखपुरा जिला का सिविल सर्जन बनाया गया। अब ये गलती किसकी है ये तो जांच का विषय है, पर स्वास्थ्य विभाग की इस गलती का खामियाजा सरकार को भुगतना पड़ रहा है। लोग सवाल तो पूछेंगे ही। हालांकि सरकार ने अपनी भूल को सुधारते हुए ACMO के पद पर कार्यरत्त डॉ कृष्ण मुरारी प्रसाद सिंह को प्रभारी सिविल सर्जन बना दिया है। इस बात की अधिसूचना भी जारी हो गई है।

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