जरा हट केजागरूकताप्रशासनशेखपुरा

जल जीवन हरियाली योजना की समीक्षा बैठक, अभियान को सफल बनाने के लिए जिलेवासियों से किया गया अपील

बिहार सरकार की महत्वपूर्ण योजना जल जीवन हरियाली के तहत इस योजना के व्यापक प्रचार-प्रसार हेतु प्रत्येक माह के प्रथम मंगलवार को जल जीवन हरियाली दिवस मनाया जाता है। इसके तहत आज शेखपुरा जिले के समाहरणालय के मंथन सभाकक्ष में आज डीडीसी सत्येंद्र कुमार सिंह की अध्यक्षता में जल जीवन हरियाली महत्वपूर्ण योजन की समीक्षात्मक बैठक हुई। इस अभियान को सफल बनाने के लिए जिलेवासियों से अपील करते हुए उन्होंने कहा कि पृथ्वी पर मानव जीवन के साथ-साथ सभी जीव-जंतुओं को रहने का हक है। हम सभी का दायित्व है कि प्राकृतिक संसाधनों को संरक्षित करें। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि रासायनिक खाद के बदले जैविक खाद का प्रयोग करने की अपील करते हुए कहा कि जैविक खाद से फसलों की गुणवत्ता एवं उत्पादकता दोनों में वृद्धि होती है। जो स्वास्थ्य के लिए बहुत लाभदायक होता है। इसके लिए सरकार से 90% तक अनुदान भी दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि काशीबीघा के विनोद कुमार के द्वारा बड़े पैमाने पर जैविक खेती से फसल का उत्पादन किया जा रहा है, जिसकी मांग काफी अधिक है। जिले में जैविक खाद के प्रशिक्षण के लिए उन्हें अधिकृत भी किया गया है। इसके अलावा उन्होंने इस योजना को शत-प्रतिशत लागू करने के लिए अधिकारियों को कई निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पिछले वर्ष मनरेगा के तहत 6 लाख पौधे लगाए गए थे। इस वर्ष जिले में 12 लाख पौधे लगाने का लक्ष्य है। राज्य स्तर पर इस योजना के तहत 2 करोड़ पौधे लगाए जाने का लक्ष्य है। पृथ्वी दिवस के अवसर पर मई माह से पौधे लगाने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। इसके अलावा आहर, तालाब का जीर्णोद्धार बड़े पैमाने पर किया जा रहा है। सरकारी भवनों पर वाटर हार्वेस्टिंग का निर्माण किया जा रहा है। सौर ऊर्जा के प्रयोग से भी पर्यावरण प्रदूषण को कम किया जा रहा है। इनके अलावे भू-जल स्तर को बनाए रखने के लिए कई कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं। जिसमें जिलेवासियों का सहयोग अपेक्षित है। वहीं जिला उद्यान पदाधिकारी शैलेंद्र कुमार ने बताया कि सिंचाई में जल की मात्रा को कम करने के लिए टपकन विधि का प्रयोग किया जा सकता है। इससे फसलों की सिंचाई ठीक से होती है और जल की खपत भी कम होती है। इसमें भी सरकार के द्वारा 90% अनुदान दिया जा रहा है। साथ ही सत्यप्रकाश शर्मा अपर समाहर्ता ने भी इस योजना के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि जिले में इसके लिये विशेष सर्वेक्षण कार्य किया जा रहा है, जिसमें सभी का सहयोग अपेक्षित है। इस बैठक में जिला मत्स्य अधिकारी, जिला जनसंपर्क पदाधिकारी, उप निर्वाचन पदाधिकारी, सभी कार्यपालक अभियंता, सहायक अभियंता, मनरेगा पीओ के साथ-साथ कई अधिकारी उपस्थित थे। इसके अलावे सभी प्रखण्ड मुख्यालयों में प्रखण्ड विकास पदाधिकारी के नेतृत्व में भी यह कार्यक्रम चलाया गया।

Back to top button
error: Content is protected !!