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अपराध और आपराधिक ट्रैकिंग प्रणाली(CCTNS) में बरबीघा थाना है जिले में नं 1, क्या है CCTNS?

crime criminal tracking network system (CCTNS) अपराध और आपराधिक ट्रैकिंग प्रणाली में बरबीघा थाना पूरे शेखपुरा जिले में प्रथम स्थान है। थाने की इस उपलब्धि की पुलिस कप्तान कार्तिकेय शर्मा ने भी प्रशंसा की है। इस बात की जानकारी बरबीघा थाने में कार्यरत्त हैंड होल्डिंग एक्सक्यूटिव स्टाफ (HHSE) रवि रंजन भारती ने दी है।

CCTNS प्रोजेक्ट क्या है?
क्राइम एंड क्रिमिनल ट्रैकिंग नेटवर्क एंड सिस्टम्स (CCTNS) जून 2009 में शुरू की गई एक परियोजना है। जिसका उद्देश्य पुलिस स्टेशन स्तर पर पुलिसिंग की दक्षता और प्रभावशीलता को बढ़ाने के लिए एक व्यापक और एकीकृत प्रणाली बनाना है। यह ई-गवर्नेंस के सिद्धांतों को अपनाने, और “अपराध की जांच और अपराधियों का पता लगाने” के आसपास आईटी-सक्षम अत्याधुनिक ट्रैकिंग प्रणाली के विकास के लिए एक राष्ट्रव्यापी नेटवर्कयुक्त बुनियादी ढांचे के निर्माण के माध्यम से किया जाएगा। सीसीटीएनएस भारत सरकार की राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस योजना के तहत एक मिशन मोड प्रोजेक्ट (MMP) है।

यह क्या करता है?
यह परियोजना पूरे देश में लगभग 15000 पुलिस स्टेशनों और पर्यवेक्षी पुलिस अधिकारियों के अतिरिक्त 5000 कार्यालयों को इंटरकनेक्ट करेगी और सभी पुलिस स्टेशनों में एफआईआर पंजीकरण, जांच और चार्जशीट से संबंधित डेटा को डिजिटाइज़ करेगी। यह न केवल पुलिस स्टेशन और उच्च स्तरों पर पुलिस कार्यों को स्वचालित करेगा, बल्कि सार्वजनिक सेवाओं को प्रदान करने के लिए सुविधाएं और तंत्र भी बनाएगा, जैसे कि ऑनलाइन शिकायतों का पंजीकरण, पुलिस स्टेशन पर दर्ज किए गए मामले की स्थिति का पता लगाना, व्यक्तियों का सत्यापन आदि। 2015 में, इंटर-ऑपरेशनल क्रिमिनल जस्टिस सिस्टम (Inter-operable Criminal Justice System -ICJS) के लिए एक बुनियादी मंच की स्थापना का एक अतिरिक्त उद्देश्य परियोजना में जोड़ा गया था।

इसके लाभ क्या हैं
सभी नए घटकों के साथ परियोजना के पूर्ण कार्यान्वयन से केंद्रीय नागरिक पोर्टल को बढ़ावा मिलेगा, जिसमें राज्य स्तरीय नागरिक पोर्टल के साथ जुड़ाव होगा, जो पासपोर्ट सत्यापन सहित विभिन्न उद्देश्यों के लिए पुलिस सत्यापन जैसी कई नागरिक अनुकूल सेवाएं प्रदान करेगा, साइबर अपराध की रिपोर्ट करना -प्रक्रिया और मामले की प्रगति की ऑनलाइन ट्रैकिंग आदि। यह परियोजना राष्ट्रीय स्तर के अपराध की बढती प्रवृत्ति के विश्लेषणों को प्रकाशित करने में सक्षम बनाएगी, जिससे नीति निर्माताओं के साथ-साथ कानून निर्माताओं को उचित और समय पर कार्रवाई करने में मदद मिलेगी, यह क्षेत्रीय भाषा में पैन-इंडिया के अपराधी/आरोपी के नाम खोज को भी सक्षम करेगा। आपराधिक आवागमन के अंतर-राज्य ट्रैकिंग में सुधार हुआ। इससे अपराधों और अपराधियों के राष्ट्रीय डेटाबेस का विकास होगा।

 

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