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समृद्ध महिला-समृद्ध बिहार अभियान: 1 करोड़ महिलाओं को लखपति बनाने का लक्ष्य, रोजगार से बाजार तक जोड़ने की तैयारी

बिहार सरकार ने अगले पांच वर्षों में 1 करोड़ जीविका दीदियों को लखपति बनाने के लिए रोजगार, स्वरोजगार, वित्तीय मदद और बाजार से जोड़ने की योजना तैयार की है।

पटना। बिहार सरकार ने महिलाओं की आमदनी बढ़ाने के लिए ‘समृद्ध महिला-समृद्ध बिहार’ अभियान के तहत बड़ा लक्ष्य तय किया है। सरकार अब अगले पांच वर्षों में 1 करोड़ जीविका दीदियों को लखपति दीदी बनाने की दिशा में काम करेगी। इसके लिए महिलाओं को कारोबार, स्वरोजगार, पशुपालन और दूसरे छोटे उद्यमों से जोड़ा जाएगा। जानकारी के मुताबिक, बिहार में करीब 50 लाख महिलाएं पहले ही लखपति दीदी बन चुकी हैं।अभियान की शुरुआत अगस्त 2026 में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने पटना के बापू सभागार में की थी।

महिला उद्यमियों को मिलेगी आर्थिक मदद

अभियान की योजना के तहत करीब 10 लाख महिला उद्यमियों को बैंक और वित्तीय संस्थानों के माध्यम से 5 लाख रुपये तक की वित्तीय सहायता उपलब्ध कराया जाएगा। इसके साथ ही पशुपालन और इससे जुड़े कामों में करीब 60 लाख महिलाओं को सूक्ष्म उद्यम शुरू करने के लिए सहयोग देने का लक्ष्य रखा गया है। सरकार की योजना केवल आर्थिक सहायता देने तक सीमित नहीं है। महिलाओं के बनाए उत्पादों को तैयार करने से लेकर उनकी प्रोसेसिंग, ब्रांडिंग, बिक्री और बाजार तक पहुंचाने के लिए पूरी वैल्यू चेन विकसित करने की तैयारी है। इससे स्थानीय स्तर पर बने उत्पादों को बड़े बाजार तक पहुंचाने का रास्ता तैयार हो सकता है।

शुरुआत में 5 लाख महिलाओं के खाते में पहुंचे 600 करोड़

अभियान के शुभारंभ कार्यक्रम में मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के तहत 5 लाख महिला लाभुकों के बैंक खातों में डीबीटी के जरिए 600 करोड़ रुपये भेजे गए। इसके अलावा जीविका निधि से 10 हजार लाभुकों को ऋण भी दिया गया। इसी कार्यक्रम में 112 ग्रामीण हाट के निर्माण कार्य की शुरुआत की गई, जिनका उद्देश्य ग्रामीण उत्पादों के लिए स्थानीय बाजार उपलब्ध कराना भी है।

जीविका से जुड़ी महिलाओं पर बड़ा फोकस

बिहार में स्वयं सहायता समूहों और जीविका के नेटवर्क के जरिए बड़ी संख्या में महिलाएं आजीविका से जुड़ी हैं। सरकारी जानकारी के अनुसार करीब 1.81 करोड़ महिलाएं स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी हैं। अभियान के जरिए इन्हें केवल लाभ लेने वाली महिला के बजाय कारोबार और रोजगार से जुड़ी आर्थिक भागीदार बनाने पर जोर दिया जा रहा है।

सरकार ने महिलाओं की आर्थिक गतिविधियों के साथ सौर ऊर्जा, पशुपालन, छोटे कारोबार और ग्रामीण बाजारों को भी जोड़ने की योजना बताई है। जीविका से जुड़ी करीब 10 लाख महिलाओं के घरों पर सोलर पैनल लगाने का लक्ष्य भी रखा गया है।

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