
पटना | 5 जून 2026
बिहार सरकार ने राष्ट्रीय जनता दल (RJD) सुप्रीमो और पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव तथा पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी की सुरक्षा व्यवस्था में बड़ा बदलाव किया है। गृह विभाग द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, दोनों नेताओं को प्रदान की जा रही Z+ श्रेणी की सुरक्षा वापस ले ली गई है। सुरक्षा समीक्षा के बाद लिया गया यह फैसला राज्य की राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गया है।
सरकारी आदेश के मुताबिक, लालू प्रसाद यादव और राबड़ी देवी को अब Z+ सुरक्षा श्रेणी का लाभ नहीं मिलेगा। हालांकि, पूर्व मुख्यमंत्री होने के नाते उन्हें राज्य सरकार द्वारा निर्धारित अन्य सुरक्षा सुविधाएं मिलती रहेंगी। इनमें आवास सुरक्षा, अंगरक्षक, एस्कॉर्ट वाहन और आवश्यकता के अनुसार अतिरिक्त सुरक्षा व्यवस्था शामिल है।
तेज प्रताप यादव की सुरक्षा में भी बदलाव
गृह विभाग की अधिसूचना में आरजेडी नेता और पूर्व मंत्री तेज प्रताप यादव की सुरक्षा व्यवस्था में भी कटौती की गई है। नई व्यवस्था के तहत अब उन्हें केवल एक व्यक्तिगत अंगरक्षक (Bodyguard) उपलब्ध कराया जाएगा। इससे पहले उन्हें इससे अधिक सुरक्षा कर्मी उपलब्ध थे।
वहीं, बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव की सुरक्षा व्यवस्था में कोई बदलाव नहीं किया गया है। उन्हें पहले की तरह Y+ श्रेणी की सुरक्षा मिलती रहेगी। इसके अलावा सांसद मीसा भारती और परिवार के अन्य सदस्यों की सुरक्षा व्यवस्था भी यथावत रखी गई है।
सुरक्षा समीक्षा के बाद लिया गया फैसला
सूत्रों के अनुसार, राज्य सुरक्षा समिति (State Security Committee) द्वारा विभिन्न नेताओं और विशिष्ट व्यक्तियों की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की गई थी। इसी समीक्षा रिपोर्ट के आधार पर सुरक्षा श्रेणियों में बदलाव का निर्णय लिया गया। सरकार का कहना है कि सुरक्षा से जुड़े सभी फैसले खतरे के आकलन (Threat Perception Assessment) और सुरक्षा एजेंसियों की सिफारिशों के आधार पर लिए जाते हैं।
गृह विभाग की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि समय-समय पर विभिन्न जनप्रतिनिधियों और वीआईपी व्यक्तियों की सुरक्षा का मूल्यांकन किया जाता है। समीक्षा के दौरान यदि खतरे का स्तर कम पाया जाता है, तो सुरक्षा श्रेणी में बदलाव किया जा सकता है।
राजनीतिक हलकों में बढ़ी चर्चा
लालू प्रसाद यादव और राबड़ी देवी की सुरक्षा में कटौती के फैसले के बाद बिहार की राजनीति में प्रतिक्रियाओं का दौर शुरू हो गया है। विपक्षी दल इस फैसले को लेकर सवाल उठा रहे हैं, जबकि सरकार का कहना है कि यह पूरी तरह प्रशासनिक और सुरक्षा एजेंसियों की रिपोर्ट पर आधारित निर्णय है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि बिहार विधानसभा चुनाव से पहले सुरक्षा व्यवस्था में किए गए इस बदलाव पर आने वाले दिनों में और अधिक राजनीतिक बयानबाजी देखने को मिल सकती है।
क्या होती है Z+ सुरक्षा?
Z+ भारत में वीआईपी सुरक्षा की सबसे उच्च श्रेणियों में से एक मानी जाती है। इस सुरक्षा व्यवस्था में प्रशिक्षित सुरक्षा कर्मियों की बड़ी टीम, एस्कॉर्ट वाहन, पायलट वाहन और अन्य विशेष सुरक्षा प्रबंध शामिल होते हैं। किसी व्यक्ति को यह सुरक्षा उसके खतरे के स्तर और सुरक्षा एजेंसियों की सिफारिश के आधार पर प्रदान की जाती है।



