बिहार विधान परिषद चुनाव का ऐलान: 18 जून को वोटिंग, नीतीश कुमार की सीट पर भी होगा उपचुनाव

भारत निर्वाचन आयोग ने बिहार विधान परिषद की 9 सीटों पर द्विवार्षिक चुनाव और 1 सीट पर उपचुनाव की आधिकारिक घोषणा कर दी है। चुनाव प्रक्रिया 1 जून 2026 से शुरू होगी, जबकि मतदान और मतगणना 18 जून 2026 को ही कराई जाएगी। इस चुनाव को बिहार की राजनीति के लिहाज से बेहद अहम माना जा रहा है, क्योंकि कई बड़े नेताओं का कार्यकाल समाप्त हो रहा है और पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की खाली हुई सीट पर भी उपचुनाव होना है।
9 सीटों पर चुनाव, 1 सीट पर उपचुनाव
निर्वाचन आयोग की ओर से जारी अधिसूचना के अनुसार बिहार विधान परिषद की 9 सीटों पर नियमित चुनाव कराए जाएंगे। इसके साथ ही एक सीट पर उपचुनाव भी होगा। यह सीट पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के इस्तीफे के बाद खाली हुई थी। राज्यसभा सदस्य बनने के बाद उन्होंने विधान परिषद की सदस्यता छोड़ दी थी।
इस उपचुनाव में निर्वाचित होने वाले सदस्य का कार्यकाल 6 मार्च 2030 तक रहेगा।यह चुनाव विधान सभा सदस्यों (MLAs) द्वारा कराया जाएगा।
सम्राट चौधरी और श्रीभगवान सिंह कुशवाहा ने दिया था इस्तीफा
बिहार विधानसभा चुनाव में जीत के बाद मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और मंत्री श्रीभगवान सिंह कुशवाहा ने 16 नवंबर 2025 को विधान परिषद सदस्य पद से इस्तीफा दे दिया था। इसके बाद इन सीटों पर राजनीतिक हलचल तेज हो गई थी।
बिहार की राजनीति में बढ़ेगी हलचल
विधान परिषद चुनाव को लेकर अब राज्य की राजनीति गरमा गई है। सत्तारूढ़ गठबंधन और विपक्ष दोनों ही अपने-अपने उम्मीदवारों को लेकर रणनीति बनाने में जुट गए हैं। चूंकि चुनाव अप्रत्यक्ष है और इसमें विधायक मतदान करते हैं, इसलिए सभी दल अपने संख्या बल और राजनीतिक समीकरणों को साधने में लगे हैं।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यह चुनाव आने वाले विधानसभा समीकरणों और दलों की अंदरूनी ताकत का संकेत भी देगा। खासतौर पर नीतीश कुमार की सीट पर होने वाला उपचुनाव राजनीतिक रूप से सबसे अधिक चर्चा में है।
चुनाव आयोग की निगरानी में पूरी प्रक्रिया
भारत निर्वाचन आयोग ने स्पष्ट किया है कि पूरी चुनाव प्रक्रिया तय समयसीमा के भीतर और निष्पक्ष तरीके से संपन्न कराई जाएगी। सभी राजनीतिक दलों और उम्मीदवारों को आदर्श आचार संहिता और चुनावी नियमों का पालन करना होगा।



